दोनों देशों के अधिकारियों के बीच यह बातचीत जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी उम्मीदें
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून को कहा था कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। भारत की ओर से भी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया था कि दोनों देश लंबित मुद्दों को सुलझाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार का मानना है कि अगले महीने के मध्य तक BTA के पहले चरण को लागू करने की दिशा में प्रगति हो सकती है।
टैरिफ (शुल्क) पर बड़ी चर्चा
इस पूरे समझौते में सबसे अहम मुद्दा शुल्क (Tariff) को लेकर है। चर्चा के अनुसार:
- पहले भारत पर अमेरिका ने 50% तक शुल्क लगाने की बात की थी
- बाद में इस पर 18% तक कटौती पर सहमति बनने की चर्चा रही
- अमेरिकी व्यापार नीति में हाल के बदलावों ने बातचीत को और जटिल लेकिन महत्वपूर्ण बना दिया है
कानूनी और नीतिगत बदलावों का असर
अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में हाल ही में कई बदलाव देखने को मिले हैं:
- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के कुछ व्यापक शुल्कों को निरस्त किया
- इसके बाद 10% का अस्थायी शुल्क लागू किया गया, जो 24 जुलाई तक प्रभावी है
- इन बदलावों ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को और महत्वपूर्ण बना दिया है
क्यों अहम है यह समझौता?
भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। इससे:
- व्यापार बाधाएं कम हो सकती हैं
- निर्यात-आयात में वृद्धि हो सकती है
- टेक्सटाइल, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा मिल सकता है
- दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं