इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Shakeup) देखने को मिला है। पिछले सात वर्षों से व्हाट्सएप का नेतृत्व कर रहे विल कैथकार्ट (Will Cathcart) ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। उनकी जगह भारतीय फिनटेक कंपनी 'क्रेड' (CRED) के संस्थापक और जाने-माने उद्यमी कुणाल शाह व्हाट्सएप के नए प्रमुख (CEO) होंगे।
यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है जब व्हाट्सएप की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने क्रेड (CRED) में करीब 900 मिलियन डॉलर (लगभग 8,550 करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा की है। इस निवेश के साथ मेटा क्रेड में करीब 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल करेगी।
कुणाल शाह होंगे व्हाट्सएप के नए बॉस
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक पर इस बदलाव की घोषणा की। जुकरबर्ग ने कुणाल शाह की तारीफ करते हुए कहा, "कुणाल ने क्रेड को भारत की सबसे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक बनाया है। वे अपने साथ एक 'बिल्डर मेंटैलिटी' और वैश्विक दृष्टिकोण लेकर आ रहे हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग ऐप को चलाने में बेहद मददगार साबित होगा।"
व्हाट्सएप के लिए भारत उसका सबसे बड़ा बाजार है, जहां इसके 50 करोड़ (500 मिलियन) से अधिक यूज़र्स हैं। ऐसे में किसी भारतीय उद्यमी को व्हाट्सएप की कमान सौंपना मेटा की एक बड़ी रणनीतिक चाल मानी जा रही है।
विल कैथकार्ट का नया सफर
विल कैथकार्ट व्हाट्सएप से हटने के बाद भी मेटा के साथ बने रहेंगे। वे एक नई भूमिका में कदम रख रहे हैं, जहां वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उपयोग करके नए कंज्यूमर एप्लिकेशन और प्रोडक्ट्स को बिल्कुल शुरुआत (from the ground up) से बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
कैथकार्ट ने सोशल मीडिया पर लिखा, "व्हाट्सएप आज इतिहास के सबसे मजबूत दौर में है, और मुझे लगा कि पद से पीछे हटने का यह बिल्कुल सही समय है। मुझे गर्व है कि हमने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग को 3 अरब से अधिक लोगों तक पहुँचाया और दुनिया भर में लोगों की निजी बातचीत के अधिकार की रक्षा की।"
कैथकार्ट का कार्यकाल: प्राइवेसी की जंग से लेकर AI के दौर तक
साल 2010 में मेटा (तब फेसबुक) से जुड़ने वाले विल कैथकार्ट ने 2019 में व्हाट्सएप के प्रमुख का पद संभाला था। उनके 7 साल के कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण पड़ाव आए:
- यूज़र बेस में भारी उछाल: कैथकार्ट के नेतृत्व में व्हाट्सएप का ग्लोबल यूज़र बेस बढ़कर 3 अरब (3 Billion) पार कर गया। अमेरिका जैसे देशों में भी ऐप ने 100 मिलियन से अधिक यूज़र्स जोड़े।
- प्राइवेसी और एन्क्रिप्शन की लड़ाई: कैथकार्ट को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) के सबसे मुखर समर्थकों में गिना जाता है। उन्होंने उन सरकारों का कड़ा विरोध किया जो सुरक्षा के नाम पर व्हाट्सएप में बैकडोर (निगरानी का रास्ता) चाहती थीं। इसके अलावा, उन्होंने पेगासस (Pegasus) बनाने वाली इजरायली स्पाइवेयर कंपनी NSO ग्रुप के खिलाफ कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया और अदालत में जीत हासिल की।
- नए फीचर्स की शुरुआत: उनके कार्यकाल में व्हाट्सएप सिर्फ एक चैटिंग ऐप नहीं रहा, बल्कि इसमें कम्युनिटीज (Communities), वन-वे ब्रॉडकास्ट के लिए चैनल्स (Channels) और हाल ही में मेटा एआई (Meta AI) जैसे बड़े फीचर्स शामिल किए गए।
कुणाल शाह इस हफ्ते से ही कार्यभार संभाल सकते हैं, और 25 जून को होने वाली व्हाट्सएप की 'ऑल हैंड्स' (All-Hands) बैठक में टीम के साथ उनका औपचारिक परिचय कराया जाएगा