बनारस न्यूज डेस्क: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात के बाद मौसम में आए बदलाव का असर वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में धान की फसल पर पड़ा है। बारिश और तेज हवाओं के चलते खेतों में तैयार खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई है। चौबेपुर समेत कई गांवों में धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
चौबेपुर, चंद्रावती, मोलनापुर, ढाखा और रजवाड़ी गांवों में खेतों में धान की फसल गिर गई है। वहीं, बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों को फसल की कटाई करने में भी परेशानी हो रही है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार करने में उन्होंने कई दिनों तक मेहनत की और हजारों रुपये खर्च किए। अब फसल जमीन पर गिरने से उन्हें दानों के खराब होने और पैदावार कम होने की चिंता सता रही है।
ग्रामीण किसानों के मुताबिक, खाद, बीज, डीजल और मजदूरी के बढ़ते खर्च के कारण खेती पहले से ही मुश्किल हो गई है। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं से फसल को हुए नुकसान ने उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ा दी है। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से प्रभावित गांवों में फसल का सर्वे कराने और नुकसान के बदले मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते नुकसान का आकलन कर आर्थिक मदद नहीं दी गई, तो परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।