बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में दिसंबर से शुरू होने वाली जनगणना के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस काम की जिम्मेदारी संभालने वाले 400 प्राथमिक शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। आराजी लाइन ब्लॉक के खोचवा स्थित बसमत्ती देवी संकटा प्रसाद महाविद्यालय में तीन दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इसमें सेवापुरी, आराजी लाइन और हरहुआ ब्लॉक के शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। ट्रेनिंग के जरिए शिक्षकों को जनगणना की पूरी प्रक्रिया समझाई जा रही है, ताकि लोगों से जुटाई जाने वाली जानकारी सही हो और आंकड़ों में कोई गलती न रहे।
जनगणना की जिम्मेदारी निभाने के लिए शिक्षकों को अलग-अलग बैच में बुलाया जा रहा है। हर बैच को तीन दिनों तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान उन्हें बताया जा रहा है कि लोगों से जरूरी जानकारी कैसे लेनी है और उसे तय फॉर्मेट में किस तरह भरना है। आंकड़ों को दर्ज करने के साथ उनकी जांच करने का तरीका भी समझाया जा रहा है। मोबाइल नंबर, पासपोर्ट और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी जुटाने के दौरान किन बातों का ध्यान रखना है, इसकी जानकारी भी शिक्षकों को दी जा रही है।
सेवापुरी, आराजी लाइन और हरहुआ ब्लॉक के प्राथमिक शिक्षक इस कार्यक्रम के जरिए जनगणना के दौरान किए जाने वाले काम की बारीकियां सीख रहे हैं। उन्हें निर्धारित नियमों के मुताबिक जानकारी जुटाने और उसे सही तरीके से दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षण से जनगणना का काम तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, जुटाए गए आंकड़ों की सटीकता बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का तहसीलदार संत विजय सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाएं देखीं और शिक्षकों को दी जा रही ट्रेनिंग की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि दिसंबर में शुरू होने वाली जनगणना के लिए 400 शिक्षकों को तीन-तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि जनगणना शुरू होने से पहले शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझ लें और काम के दौरान जानकारी जुटाने या उसे दर्ज करने में कोई चूक न हो।