बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में इस समय भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। आसमान से बरसती तेज धूप और गरम पछुआ हवाओं के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में रेड अलर्ट और अधिकांश इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले दो दिनों तक तेज लू का प्रकोप जारी रहेगा, जबकि उसके बाद भी पूरे सप्ताह गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
पिछले 24 घंटों में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं वाराणसी में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक है। बाबतपुर स्थित मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री दर्ज हुआ। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। न्यूनतम तापमान बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे उष्ण रात्रि जैसी स्थिति बनी हुई है।
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का मुख्य कारण मौसम का पूरी तरह शुष्क होना और विकिरणीय उष्मन में वृद्धि है। क्षेत्र में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके कई बार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं। तेज गर्म हवाओं के कारण सड़क पर निकलना लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने 19 और 20 मई को भीषण लू चलने की चेतावनी दी है।
गर्मी और लू का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए बीएचयू के जनरल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर दीपक गौतम ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, छाछ, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करें। यदि जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर और चेहरे को सूती कपड़े से ढककर निकलें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें।