पुरुष एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ने शुक्रवार को एक नया ऐतिहासिक पड़ाव हासिल किया। डुंडी में स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेले गए मुकाबले के साथ ही वनडे क्रिकेट के इतिहास में 5000 मैच पूरे हो गए। करीब साढ़े पांच दशक से अधिक समय में इस प्रारूप ने खेल के नियमों, रणनीतियों और लोकप्रियता के स्तर पर कई बड़े बदलाव देखे हैं।
वनडे क्रिकेट की शुरुआत जनवरी 1971 में हुई थी। शुरुआती दौर में आज की तरह प्रत्येक पारी 50 ओवर की नहीं होती थी। अलग-अलग देशों और प्रतियोगिताओं में मैच 35, 40, 55 और यहां तक कि 60 ओवर के भी खेले गए। कुछ मुकाबलों में एक ओवर में आठ गेंदें भी हुआ करती थीं। बाद में 50 ओवर का प्रारूप अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट की पहचान बन गया।
पहले 1000 वनडे मुकाबले पूरे होने में लगभग 24 साल लगे। 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई सीरीज के दौरान यह ऐतिहासिक संख्या पूरी हुई थी। इसके बाद वनडे क्रिकेट का विस्तार तेजी से हुआ और अगले 31 वर्षों में 4000 मुकाबले खेले गए।
टी20 क्रिकेट के आगमन के बावजूद वनडे की लोकप्रियता लंबे समय तक कायम रही। 2007 में एक कैलेंडर वर्ष में 191 वनडे मुकाबले खेले गए थे, जबकि 2023 में वनडे विश्व कप के कारण यह आंकड़ा बढ़कर 218 तक पहुंच गया। यह किसी एक साल में खेले गए वनडे मैचों की सबसे बड़ी संख्या रही।
हालांकि हाल के वर्षों में वनडे मुकाबलों की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। कोरोना महामारी, टी20 लीग के बढ़ते प्रभाव और द्विपक्षीय वनडे सीरीज की संख्या में कमी इसके प्रमुख कारणों में शामिल रहे। इसके बावजूद 5000 मैचों का आंकड़ा इस प्रारूप की लंबी और समृद्ध क्रिकेट यात्रा को दर्शाता है। वनडे क्रिकेट ने टेस्ट और टी20 के बीच अपनी अलग पहचान कायम रखते हुए कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों और प्रशंसकों को यादगार मुकाबले दिए हैं।