एम्सटलवीन: पुरुष हॉकी विश्व कप के रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के हाथों 2-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही विश्व कप के इतिहास में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत का इंतजार 32 वर्षों के लिए और बढ़ गया है, जिसे भारत ने आखिरी बार 1994 में हराया था। पहले हाफ में 2-1 की बढ़त बनाने के बावजूद भारतीय टीम दूसरे हाफ में अपनी पकड़ बनाए रखने में नाकाम रही और इंग्लैंड ने लगातार तीन गोल दागकर मैच अपने नाम कर लिया।
मैच के 14वें मिनट में इंग्लैंड के निकोलस बैंडुराक ने मैदानी गोल कर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि, भारतीय टीम ने जोरदार वापसी की। 16वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शक्तिशाली ड्रैग-फ्लिक से पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि 24वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने शानदार टच के साथ भारत को 2-1 से आगे कर दिया। लेकिन दूसरे हाफ में इंग्लैंड के आक्रामक खेल के आगे भारतीय रक्षापंक्ति बिखर गई। स्टुअर्ट रशमेयर (39वें) और हेनरी क्रॉफ्ट (43वें) के गोलों की बदौलत इंग्लैंड ने 3-2 की बढ़त बना ली, जबकि 54वें मिनट में बैंडुराक ने पेनल्टी कॉर्नर पर अपना दूसरा गोल कर इंग्लैंड की 4-2 से जीत पक्की कर दी।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पूल डी में छह अंकों के साथ अगले दौर के लिए क्वालीफाई कर लिया है। वहीं, दो मैचों में तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद भारतीय टीम के लिए अब बुधवार, 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला अंतिम पूल मुकाबला करो या मरो का बन गया है।