आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ दुनिया भर में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। ये डेटा सेंटर AI मॉडल, क्लाउड कंप्यूटिंग और इंटरनेट सेवाओं के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। लेकिन अब इन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी बढ़ता जा रहा है।
अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन में भी कई जगहों पर लोग डेटा सेंटर परियोजनाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन बड़े केंद्रों से बिजली और पानी की खपत में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा पर्यावरण पर असर, ट्रैफिक बढ़ने और स्थानीय संसाधनों पर दबाव जैसी चिंताओं को लेकर लोग विरोध कर रहे हैं।
अमेरिका में डेटा सेंटरों को लेकर विरोध लगातार तेज हो रहा है। एक सर्वे के अनुसार, बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक अपने घरों के आसपास डेटा सेंटर बनाए जाने का समर्थन नहीं करते। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के अंत में जहां करीब 47 प्रतिशत लोग ऐसे प्रोजेक्ट्स के खिलाफ थे, वहीं हालिया सर्वे में यह संख्या बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
अमेरिका के कई राज्यों में डेटा सेंटर परियोजनाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और समुदायों ने कुछ जगहों पर नए प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाने या उनकी समीक्षा करने की मांग की है। विरोध का असर निवेश योजनाओं पर भी पड़ा है और कई बड़ी परियोजनाओं में देरी देखने को मिली है।
ब्रिटेन में डेटा सेंटर परियोजना का विरोध
ब्रिटेन में भी अब स्थानीय समुदाय डेटा सेंटर निर्माण को लेकर चिंतित हैं। लंदन के पास पॉटर्स बार इलाके में एक बड़ी डेटा सेंटर परियोजना का विरोध किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि Equinix यहां बड़े क्षेत्र में डेटा सेंटर विकसित करने की योजना बना रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से इलाके में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विरोध करने वाले समूहों का दावा है कि डेटा सेंटर से लगातार शोर बढ़ेगा, ट्रैफिक पर दबाव पड़ेगा और हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंच सकता है।
पॉटर्स बार स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप रेजिडेंट्स एसोसिएशन पिछले कुछ समय से इस परियोजना के खिलाफ अभियान चला रही है। संगठन से जुड़े लोगों ने चिंता जताई है कि भविष्य में इस तरह की परियोजनाएं स्थानीय पर्यावरण और जीवनशैली को प्रभावित कर सकती हैं। इस परियोजना के विरोध में हजारों लोगों ने हस्ताक्षर भी किए हैं।
AI विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की चुनौती
डेटा सेंटर आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। AI सेवाओं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्लाउड सिस्टम के विस्तार के लिए इनकी जरूरत लगातार बढ़ रही है। हालांकि, इन केंद्रों को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में डेटा सेंटर निर्माण के लिए ऐसी तकनीकों की जरूरत होगी, जिनसे ऊर्जा की खपत कम हो और पर्यावरण पर असर घटाया जा सके। कई कंपनियां नवीकरणीय ऊर्जा, बेहतर कूलिंग सिस्टम और ऊर्जा दक्ष तकनीकों पर काम कर रही हैं।
AI के विस्तार के साथ डेटा सेंटरों की मांग बढ़ना तय है, लेकिन स्थानीय समुदायों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती होगी।