पीएम-सेतु योजना के तहत आईटीआई को अपग्रेड करने की बड़ी तैयारी: कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी ने हरदीप सिंह पुरी से की कूटनीतिक मुलाकात
नई दिल्ली: भारत के कौशल विकास और उद्यमिता तंत्र के लॉजिस्टिक्स को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और दूरगामी कूटनीतिक पहल की गई है. केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने बुधवार को राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से एक उच्च स्तरीय मुलाकात की. इस बैठक का मुख्य विलेख केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता उन्नयन' यानी 'पीएम-सेतु' (PM-SETU) योजना में पेट्रोलियम मंत्रालय और उसके विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था. जयंत चौधरी ने इस रणनीतिक विमर्श को बेहद सार्थक बताते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया कि यह योजना न केवल देश के युवा कार्यबल बल्कि औद्योगिक जगत के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी एक मील का पत्थर और बड़ा वरदान साबित होगी.
सांख्यिकी विलेखों और नियमों के अनुसार, पीएम-सेतु योजना केंद्र सरकार का एक कड़ा ₹60,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट है. इसका मुख्य सांख्यिकी लक्ष्य देश के करीब 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल कौशल विकास केंद्रों में बदलना है. इस नए फ्रेमवर्क के तहत कौशल प्रशिक्षण के पारंपरिक ढर्रे को बदलकर इसे सीधे उद्योगों द्वारा संचालित 'स्पेशल पर्पज व्हीकल' (SPV) मॉडल पर स्थानांतरित करने के नियम बनाए गए हैं, ताकि बाजार की बदलती सांख्यिकी मांगों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके.
इस कूटनीतिक मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने देश के युवाओं को भविष्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तैयार करने पर बल दिया. जयंत चौधरी ने इस अवसर पर पेट्रोलियम मंत्री को पुस्तकों का एक विशेष सेट भी भेंट किया. रक्षा और उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि पेट्रोलियम क्षेत्र की विशाल कंपनियों के इस कौशल विकास मिशन से जुड़ने के बाद युवाओं को सीधे रोजगार के कड़े अवसर मिलेंगे, जिससे देश में कौशल विकास के नियमों को एक नया सुरक्षा कवच और नई दिशा मिलेगी.
पीएम-सेतु योजना के तहत आईटीआई को अपग्रेड करने की बड़ी तैयारी: कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी ने हरदीप सिंह पुरी से की कूटनीतिक मुलाकात
नई दिल्ली: भारत के कौशल विकास और उद्यमिता तंत्र के लॉजिस्टिक्स को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और दूरगामी कूटनीतिक पहल की गई है. केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने बुधवार को राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से एक उच्च स्तरीय मुलाकात की. इस बैठक का मुख्य विलेख केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता उन्नयन' यानी 'पीएम-सेतु' (PM-SETU) योजना में पेट्रोलियम मंत्रालय और उसके विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था. जयंत चौधरी ने इस रणनीतिक विमर्श को बेहद सार्थक बताते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया कि यह योजना न केवल देश के युवा कार्यबल बल्कि औद्योगिक जगत के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी एक मील का पत्थर और बड़ा वरदान साबित होगी.
सांख्यिकी विलेखों और नियमों के अनुसार, पीएम-सेतु योजना केंद्र सरकार का एक कड़ा ₹60,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट है. इसका मुख्य सांख्यिकी लक्ष्य देश के करीब 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल कौशल विकास केंद्रों में बदलना है. इस नए फ्रेमवर्क के तहत कौशल प्रशिक्षण के पारंपरिक ढर्रे को बदलकर इसे सीधे उद्योगों द्वारा संचालित 'स्पेशल पर्पज व्हीकल' (SPV) मॉडल पर स्थानांतरित करने के नियम बनाए गए हैं, ताकि बाजार की बदलती सांख्यिकी मांगों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके.
इस कूटनीतिक मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने देश के युवाओं को भविष्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तैयार करने पर बल दिया. जयंत चौधरी ने इस अवसर पर पेट्रोलियम मंत्री को पुस्तकों का एक विशेष सेट भी भेंट किया. रक्षा और उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि पेट्रोलियम क्षेत्र की विशाल कंपनियों के इस कौशल विकास मिशन से जुड़ने के बाद युवाओं को सीधे रोजगार के कड़े अवसर मिलेंगे, जिससे देश में कौशल विकास के नियमों को एक नया सुरक्षा कवच और नई दिशा मिलेगी.