बेंगलुरु: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने साल 2022 के बहुचर्चित भाजपा युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड के विन्यास में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की है। एजेंसी ने देश के अलग-अलग राज्यों में एक मुस्तैद और कड़ा खुफिया अभियान चलाते हुए पिछले चार वर्षों से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल सांप्रदायिक हिंसा और आतंकवादी साजिश के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा की गई कुल गिरफ्तारियों की सांख्यिकी संख्या अब बढ़कर 24 तक पहुंच चुकी है, जिसने प्रतिबंधित संगठनों के स्लीपर सेल और उनके सहयोगियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को करारा झटका दिया है।
इस सांख्यिकी कालक्रम और विलेखों के नियमों पर गौर करें तो पकड़े गए आरोपियों की पहचान अब्दुल नासिर पी उर्फ नासिर और नौशाद के रूप में हुई है। आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली सटीक और कूटनीतिक खुफिया जानकारी के आधार पर एनआईए की विशेष टीमों ने शनिवार को केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के होसुर में एक साथ कड़ा छापा मारा। इन दोनों आरोपियों पर मुख्य हमलावरों को विधिक रूप से पनाह देने और देश विरोधी आपराधिक साजिश रचने के कड़े आरोप हैं। विशेष एनआईए अदालत द्वारा इनके खिलाफ ओपन-एंडेड वारंट, लुक आउट सर्कुलर (LOC) और चार-चार लाख रुपये के सांख्यिकी नकद इनाम की घोषणा के बावजूद ये लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस के सुरक्षा कवच को चकमा दे रहे थे।
26 जुलाई 2022 की रात दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे गांव में प्रवीण नेट्टारू की उनकी दुकान के बाहर धारदार हथियारों से निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद तटीय कर्नाटक के पुराने विवादों में भारी आक्रोश और सांप्रदायिक तनाव मुस्तैद हो गया था। बाद में इस गंभीर मामले की बागडोर एनआईए को सौंपी गई, जिसने अपनी जांच में पाया कि इस जघन्य कृत्य के पीछे प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कैडरों का कड़ा हाथ था। खेल अब पूरी तरह से बचे हुए तीन अन्य भगोड़ों की तलाश पर टिका है; एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के विखंडन और आंतरिक सुरक्षा के नियमों को मजबूत करने के लिए लॉजिस्टिक्स स्तर पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई मुस्तैद की जा रही है।