बनारस न्यूज डेस्क: पूर्वांचल में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। डिप्रेशन और लगातार सक्रिय बादलों के कारण क्षेत्र में सावन जैसा अहसास हो रहा है। पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी और हीटवेव से राहत दिलाई है, जबकि वातावरण में नमी का स्तर भी काफी बढ़ गया है।
हालांकि इस बार मानसून पूर्वांचल में नौ दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसके चलते नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। विभाग ने डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वांचल समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई है।
वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिलों में गुरुवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही और कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। पुरवा हवा चलने और हल्की बारिश के कारण लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम सुहावना होने से कूलर और एसी का इस्तेमाल भी कम हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक बूंदाबांदी और बादलों का यह सिलसिला जारी रह सकता है।
बीते 24 घंटों में वाराणसी का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम रहा। इस दौरान 1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि आर्द्रता 81 से 90 प्रतिशत के बीच रही। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल के आजमगढ़, मऊ और बलिया में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में बादलों की सक्रियता और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।