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इन खूबसूरत पक्षियों के पंखों में छिपा है जानलेवा जहर, छूने मात्र से शरीर पड़ सकता है सुन्न

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Posted On:Tuesday, July 14, 2026

इन खूबसूरत पक्षियों के पंखों में छिपा है जानलेवा जहर, छूने मात्र से शरीर पड़ सकता है सुन्न


पक्षियों को आमतौर पर उनकी खूबसूरत उड़ान, रंग-बिरंगे पंखों और मधुर आवाज के लिए जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसे पक्षी भी हैं जो बेहद जहरीले होते हैं? सांपों या मकड़ियों की तरह ये पक्षी किसी को डंक नहीं मारते और न ही जहर उगलते हैं, बल्कि इनका जहर इनके पंखों, त्वचा और टिश्यूज (ऊतकों) में छिपा होता है। इन्हें छूने या खाने मात्र से इंसान गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि ये पक्षी खुद जहर पैदा नहीं करते, बल्कि अपनी खुराक (कीड़े-मकोड़ों और विशेष भृंग/beetles) के जरिए इनके शरीर में यह जहर जमा हो जाता है।
आइए जानते हैं दुनिया के कुछ सबसे जहरीले पक्षियों के बारे में:
1. हुडेड पिटोहुई (Hooded Pitohui)
पापुआ न्यू गिनी के वर्षावनों में पाया जाने वाला 'हुडेड पिटोहुई' दुनिया का पहला ऐसा पक्षी है जिसे आधिकारिक तौर पर वैज्ञानिक रूप से जहरीला घोषित किया गया था। इसका सिर काला और शरीर चमकीले नारंगी रंग का होता है।
  • जहर की ताकत: इसकी त्वचा और पंखों में 'बैट्राकोटॉक्सिन' (Batrachotoxin) नाम का खतरनाक न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है। यह वही जहर है जो कोलंबिया के खतरनाक पॉइज़न डार्ट मेंढकों में मिलता है।
  • असर: 1989 में जब एक वैज्ञानिक ने इसे जाल से निकालते समय छुआ और अपनी उंगली मुंह में डाली, तो उनका मुंह और होंठ कई घंटों के लिए सुन्न हो गए थे। इसे छूने से त्वचा में जलन, झनझनाहट और छींकें आने लगती हैं। स्थानीय लोग इसे "कचरा पक्षी" (Rubbish Bird) कहते हैं क्योंकि यह खाने लायक नहीं होता।
2. ब्लू-कैप्ड इफ्रिता (Blue-capped Ifrita)
पापुआ न्यू गिनी का ही एक और छोटा और सुंदर पक्षी है जिसके सिर पर नीले रंग का ताज होता है। सुंदर दिखने के बावजूद इसके पेट, छाती और पैरों के पंखों में भारी मात्रा में बैट्राकोटॉक्सिन जहर जमा होता है। यह जहर इसे शिकारियों के साथ-साथ परजीवियों (जूं और कीड़ों) से भी बचाता है।
3. स्पर-विंग्ड गूज (Spur-winged Goose)
यह बत्तख प्रजाति का पक्षी अफ्रीका में पाया जाता है। इसके पंखों में जहर नहीं होता, लेकिन यह 'ब्लिस्टर बीटल' (Blister Beetles) नाम के जहरीले कीड़ों को खाता है। इन कीड़ों को खाने से इसके मांस में 'कैंथरिडिन' (Cantharidin) नाम का जहर इकट्ठा हो जाता है। यदि कोई इंसान इस पक्षी का पका हुआ मांस खा ले, तो वह गंभीर रूप से बीमार हो सकता है। कैंथरिडिन की मात्र 10 मिलीग्राम खुराक भी किसी इंसान की जान ले सकती है।
4. यूरोपियन क्वेल (Common Quail / बटेर)
यूरोपियन बटेर (जो भारत के दक्षिणी हिस्सों में भी सर्दियों में आते हैं) आमतौर पर जहरीले नहीं होते। लेकिन अपनी लंबी यात्रा (माइग्रेशन) के दौरान जब ये 'हेमलॉक' (Hemlock) जैसी अत्यधिक जहरीली झाड़ियों के बीज खा लेते हैं, तो इनका मांस भी जहरीला हो जाता है। इसे खाने से इंसानों में 'कोटर्निज्म' (Coturnism) नाम का फूड पॉइजनिंग रोग हो जाता है, जिससे मांसपेशियों में भयंकर दर्द होता है और किडनी तक फेल हो सकती है।
प्रकृति का अनोखा रक्षा तंत्र
वैज्ञानिकों के अनुसार, इन पक्षियों में जहर का होना 'कन्वर्जेंट इवोल्यूशन' (Convergent Evolution) का एक बेहतरीन उदाहरण है। पक्षियों ने खुद को शिकारियों और बाज जैसे बड़े दुश्मनों से बचाने के लिए अपने भोजन के जरिए इस रासायनिक रक्षा कवच को विकसित किया है।


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