शाकाहारी (Vegetarian) होने के बावजूद क्यों बढ़ जाता है कोलेस्ट्रॉल? एक्सपर्ट्स ने बताई असली वजह
अक्सर लोग यह मानकर शाकाहारी भोजन अपनाते हैं कि इससे उनका दिल सेहतमंद रहेगा और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहेगा। लेकिन कई बार लंबे समय तक पूरी तरह शाकाहारी डाइट पर रहने के बाद भी जब लोग ब्लड टेस्ट करवाते हैं, तो उनका बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ा हुआ निकलता है।
ठाणे के जुपिटर हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. अमित सराफ ने इस दुविधा की असली वजहें समझाई हैं। उनका कहना है कि केवल मांसाहार से तौबा कर लेना ही कोलेस्ट्रॉल को रोकने के लिए काफी नहीं है।
1. लिवर का नेचुरल प्रोडक्शन और जेनेटिक्स (अनुवांशिकता)
डॉ. सराफ के मुताबिक, हमारे शरीर में मिलने वाले कुल कोलेस्ट्रॉल का एक बड़ा हिस्सा हमारा लिवर खुद बनाता है। कुछ लोगों में जेनेटिक बनावट (जींस) ऐसी होती है कि उनका लिवर जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का निर्माण करने लगता है। ऐसे मामलों में, चाहे आपकी डाइट कितनी भी सख्त या शाकाहारी क्यों न हो, कोलेस्ट्रॉल का स्तर ऊंचा बना रह सकता है। इसे 'फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया' कहा जाता है।
2. शाकाहारी खाने की 'क्वालिटी' में गड़बड़ी
हर शाकाहारी खाना सेहतमंद नहीं होता। यदि आपकी शाकाहारी डाइट में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं, तो आपका कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) का स्तर बढ़ना तय है:
- रिफाइंड कार्ब्स और मैदा: समोसे, कचोरी, सफेद ब्रेड या पैकेज्ड स्नैक्स।
- ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट: वनस्पति घी में बनी चीजें, बेकरी प्रोडक्ट्स (बिस्कुट, केक) और ज्यादा तली-भुनी चीजें।
- अतिरिक्त चीनी (Added Sugars): मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक्स और डिब्बाबंद जूस।
विशेषज्ञ की सलाह: शाकाहार का मतलब सिर्फ 'मांस न खाना' नहीं है, बल्कि थाली में साबुत अनाज (Whole grains), हरी सब्जियां और फलों का होना जरूरी है।
3. अन्य बीमारियां और दवाइयां
शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के पीछे कुछ छिपी हुई बीमारियां भी हो सकती हैं, जैसे:
- डायबिटीज (मधुमेह)
- हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड का कम काम करना)
- मोटापा
- क्रॉनिक किडनी डिजीज (किडनी की पुरानी बीमारी)
इसके अलावा, कुछ खास तरह की दवाइयों के सेवन से भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर प्रभावित हो सकता है।
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या करें?
डाइट में करें ये बदलाव:
- सॉल्युबल फाइबर बढ़ाएं: ओट्स, दालें, बीन्स और फलियां खाएं।
- हेल्दी फैट्स चुनें: नट्स (बादाम, अखरोट) और सीड्स (अलसी, चिया सीड्स) को शामिल करें।
- हरी और मौसमी सब्जियां: इन्हें अपनी रोजाना की थाली का मुख्य हिस्सा बनाएं।
लाइफस्टाइल में सुधार:
- एक्टिव रहें: रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज, योग या तेज वॉक करें।
- तनाव और नींद: 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें और स्ट्रेस मैनेज करें।
- बुरी आदतों से दूरी: धूम्रपान (Smoking) और अल्कोहल से पूरी तरह दूरी बनाएं।
डॉक्टर की अंतिम सलाह
अगर खान-पान में बदलाव और नियमित एक्सरसाइज के बाद भी आपका कोलेस्ट्रॉल कम नहीं हो रहा है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार शरीर की आंतरिक मेटाबॉलिक समस्याओं के कारण सिर्फ लाइफस्टाइल बदलना काफी नहीं होता। ऐसे में दिल के दौरे (Heart Attack) या स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए डॉक्टरों की सलाह पर दवाओं (जैसे स्टेटिन) की मदद लेनी जरूरी हो जाती है।