अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के सबसे कुख्यात और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह 'ट्रेन डी अरागुआ' (Tren de Aragua) के मुख्य सरगना हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ 'नीनो गुरेरो' (Niño Guerrero) को एक घातक सैन्य कार्रवाई में मार गिराया है।
ट्रंप ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर साझा की है। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल दावे पर अभी तक व्हाइट हाउस, पेंटागन या अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।
वेनेजुएला सरकार के साथ मिलकर किया 'सीक्रेट ऑपरेशन'
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया:
दक्षिणी कमान की कार्रवाई: ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना की दक्षिणी कमान ने एक अत्यंत तेज, सटीक और घातक सैन्य हमला किया, जिसका मुख्य टारगेट नीनो गुरेरो ही था।
संयुक्त अभियान: ट्रंप का दावा है कि यह पूरी सैन्य कार्रवाई अमेरिका और वेनेजुएला सरकार ने आपसी तालमेल और सहयोग के साथ मिलकर पूरी की है।
हमले का वीडियो: अपने दावे को पुख्ता करने के लिए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत पर रॉकेट या हवाई हमला होता और उसके बाद उसमें भीषण आग लगती दिखाई दे रही है।
ट्रंप की खुली चेतावनी: "ट्रेन डी अरागुआ के आतंकियों और अपराधियों के लिए अब वेनेजुएला या दुनिया के किसी भी कोने में कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। अमेरिका ऐसे नरभक्षी अपराधियों, हत्यारों और ड्रग माफियाओं को दुनिया के किसी भी पाताल से ढूंढकर खत्म कर देगा।"
कौन था नीनो गुरेरो? अमेरिका ने रखा था $50 लाख का इनाम
हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस उर्फ नीनो गुरेरो वैश्विक अपराध जगत का एक ऐसा नाम था, जिससे कई लातनी अमेरिकी देश कांपते थे:
अमेरिका में आतंकी घोषित: अमेरिका पहले ही 'ट्रेन डी अरागुआ' को एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है।
संघीय अदालत में मुकदमे: न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में गुरेरो के खिलाफ आपराधिक साजिश, बड़े पैमाने पर ड्रग तस्करी, अंधाधुंध हिंसा, जबरन वसूली (Extortion) और आतंकी गतिविधियों को फंड करने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे।
इनामी अपराधी: अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने नीनो गुरेरो को पकड़वाने या उसकी सटीक लोकेशन बताने वाले के लिए 50 लाख डॉलर (करीब 48 करोड़ रुपये) के बंपर इनाम का ऐलान किया था।
जेल से शुरू हुआ 'ट्रेन डी अरागुआ' का खूनी साम्राज्य
'ट्रेन डी अरागुआ' वेनेजुएला का सबसे बड़ा, क्रूर और सबसे संगठित आपराधिक सिंडिकेट माना जाता है, जिसकी कहानी किसी हॉलीवुड फिल्म जैसी है:
जेल से बना इंटरनेशनल नेटवर्क: इस गैंग की शुरुआत वेनेजुएला के अरागुआ राज्य की टोकोरोन जेल (Tocorón Prison) के भीतर से हुई थी। जेल के अंदर बंद अपराधियों ने मिलकर एक ऐसा नेटवर्क बनाया, जो धीरे-धीरे जेल की दीवारों को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय अपराध संगठन बन गया।
शरणार्थियों की आड़ में विस्तार: वेनेजुएला के आर्थिक संकट के दौरान जब लाखों लोग देश छोड़कर कोलंबिया, पेरू, चिली और अमेरिका जा रहे थे, तो इस गैंग के गुर्गे भी आम नागरिकों के भेष में इन देशों में घुस गए और वहां अपना खूनी साम्राज्य फैला लिया।
मुख्य ठिकाने पर हमला: सितंबर 2023 में वेनेजुएला सरकार ने 11,000 सैनिकों के साथ टोकोरोन जेल पर टैंकों से हमला कर गैंग के हेडक्वार्टर को तबाह कर दिया था, लेकिन नीनो गुरेरो और उसके कई कमांडर सुरंगों के रास्ते भाग निकले थे।
अमेरिकी प्रशासन, खासकर डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी का आरोप रहा है कि हाल के दिनों में न्यूयॉर्क, शिकागो और मियामी जैसे अमेरिकी शहरों में जो अवैध ड्रग्स की बाढ़ आई है और हिंसा बढ़ी है, उसके पीछे इसी 'ट्रेन डी अरागुआ' गैंग का हाथ है। यदि ट्रंप का यह दावा आधिकारिक तौर पर सच साबित होता है, तो इसे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी जीत माना जाएगा।