मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के समुद्री क्षेत्र में जारी भारी तनाव के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। ओमान के तट के पास पलाऊ (Palau) के झंडे वाले कमर्शियल तेल टैंकर MT सेटेबेलो (MT Settebello) पर हुए अमेरिकी हमले के बाद जो तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे, अब उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस गंभीर घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के सबसे सीनियर राजनयिक को तलब (Summon) कर अपना सख्त विरोध दर्ज कराया है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जताया गहरा दुख
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर इस दुखद घटना की पुष्टि की और गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा:
“पलाऊ के झंडे वाले जहाज MT सेटेबेलो पर हुई इस दुखद और भयावह घटना के बारे में जानकर अत्यंत दुख हुआ। यह बेहद पीड़ादायक है कि जो तीन भारतीय नाविक शुरुआत में लापता बताए गए थे, अब वे हमारे बीच नहीं रहे। यह हमारे पूरे समुद्री परिवार (Maritime Family) के लिए एक अपूरणीय और बहुत बड़ी क्षति है।”
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि जहाज से सुरक्षित बचाए गए अन्य भारतीय क्रू सदस्यों को तुरंत वतन वापस लाया जाए। साथ ही, मृत नाविकों के पार्थिव शरीरों को भी जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए ताकि उनके परिजन पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में मोदी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक मदद देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई: अमेरिकी राजनयिक तलब
इस घटना को लेकर भारत सरकार ने कड़ा कूटनीतिक (Diplomatic) कदम उठाया है। भारत ने बुधवार को एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए इस जानलेवा हमले की स्पष्ट और कड़े शब्दों में निंदा की।
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राजनयिक को किया समन: घटना पर अपना आधिकारिक और तीव्र विरोध दर्ज कराने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में मौजूद अमेरिका के सबसे वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया और इस कार्रवाई पर जवाब मांगा।
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विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान: विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हम ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोपरि है।"
मंत्रालय द्वारा शुरुआती तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस कमर्शियल जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। इनमें से 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि बाकी बचे 3 नाविकों की इस दुखद हमले में जान चली गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों (Maritime Trade Routes) पर सुरक्षा व्यवस्था और अमेरिकी सैन्य ऑपरेशनों को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।