वर्ष 2027 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट्स (CHS) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। इस्लामाबाद में आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि SCO के बहुपक्षीय सिद्धांतों और स्थापित प्रोटोकॉल के तहत सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को सम्मेलन में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र भेजना मेजबान देश का अनिवार्य दायित्व है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के इस बयान को दोनों देशों के बीच बने कूटनीतिक गतिरोध के बीच एक महत्वपूर्ण घोषणा माना जा रहा है। हालांकि, अंद्राबी ने स्पष्ट किया कि निमंत्रण भेजना एक संस्थागत प्रक्रिया है और भारत की ओर से भागीदारी का स्तर (प्रधानमंत्री स्तर या प्रतिनिधिमंडल) पूरी तरह से नई दिल्ली के निर्णय पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, मनीला में आसियान (ASEAN) क्षेत्रीय मंच की बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी विदेश मंत्री के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की संभावनाओं पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत की तरफ से ऐसी किसी बैठक का औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है।
उल्लेखनीय है कि 15 जून 2001 को बीजिंग में स्थापित SCO यूरोएशियाई क्षेत्र में सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने वाला प्रमुख मंच है। भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस और मध्य एशियाई देशों की सदस्यता वाले इस 10-सदस्यीय संगठन की अध्यक्षता प्रतिवर्ष घूर्णन प्रणाली (Rotational Basis) से बदलती है। 2027 में पाकिस्तान द्वारा शिखर सम्मेलन आयोजित करने की पृष्ठभूमि में भारत का रुख और प्रधानमंत्री का रुख वैश्विक कूटनीतिक हलकों में उत्सुकता का विषय बना हुआ है।