असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत और पुनर्वास अभियान को निजी क्षेत्र से भी लगातार सहयोग मिल रहा है। इसी क्रम में वेदांता समूह ने राज्य में बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए सात करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस योगदान के लिए समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि वेदांता समूह और अनिल अग्रवाल लंबे समय से असम के विकास से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन परिस्थिति में समूह की ओर से की गई आर्थिक मदद प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार के अनुसार, इस राशि का इस्तेमाल तत्काल राहत के साथ-साथ पुनर्वास से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को भोजन, सुरक्षित आश्रय, साफ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के अलावा आगे की पुनर्वास गतिविधियों के लिए भी आर्थिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।
असम में मानसून के दौरान कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई है। बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ प्रशासन और विभिन्न एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। ऐसे समय में कॉरपोरेट क्षेत्र से मिलने वाली सहायता राहत अभियान की क्षमता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।
वेदांता समूह की असम में तेल एवं गैस क्षेत्र में लंबे समय से मौजूदगी रही है। कंपनी की गतिविधियों के कारण राज्य के आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्र से उसका जुड़ाव भी रहा है। मुख्यमंत्री ने समूह की सहायता को सामाजिक जिम्मेदारी और संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़े होने का उदाहरण बताया।
सात करोड़ रुपये की सहायता से बाढ़ प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के साथ दीर्घकालिक पुनर्वास प्रयासों को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने आपदा के बीच राहत कार्यों को तेज रखने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया है।