महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की अदालत से बरी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार चर्चा अदालत के फैसले से ज्यादा उनकी घोषित संपत्ति को लेकर हो रही है। बृजभूषण शरण सिंह ने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था, इसलिए उनकी सबसे हालिया सार्वजनिक वित्तीय जानकारी वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे (Affidavit) पर आधारित है।
2019 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह की कुल घोषित संपत्ति 9.89 करोड़ रुपये थी। वहीं उन पर 6.15 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां (Liabilities) भी दर्ज थीं। यह जानकारी चुनाव आयोग के समक्ष जमा किए गए आधिकारिक दस्तावेज में दी गई थी।
हलफनामे के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह और उनकी पत्नी के बैंक खातों में कुल 2.62 करोड़ रुपये जमा थे। इसके अलावा उनके पास 1 लाख रुपये नकद भी मौजूद था। निवेश के रूप में दोनों के पास विभिन्न कंपनियों के लगभग 42.35 लाख रुपये मूल्य के शेयर थे। वहीं उन्होंने एलआईसी (LIC) की एक योजना में करीब 2.49 लाख रुपये का निवेश भी किया हुआ था।
चल संपत्तियों के अलावा उनके पास आभूषण भी दर्ज थे। हलफनामे के अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह और उनकी पत्नी के पास कुल 7.50 लाख रुपये मूल्य की ज्वेलरी थी। इनमें से लगभग 1.50 लाख रुपये के आभूषण स्वयं बृजभूषण शरण सिंह के नाम पर थे, जबकि शेष उनकी पत्नी के पास दर्ज थे।
हलफनामे में लाइसेंसी हथियारों का भी उल्लेख किया गया था। इसके अनुसार, बृजभूषण शरण सिंह के पास एक पिस्टल, एक रायफल और एक रिपीटर था। वहीं उनकी पत्नी के पास एक रायफल और एक रिपीटर दर्ज था। इन सभी लाइसेंसी हथियारों का कुल मूल्य लगभग 20.35 लाख रुपये बताया गया था।
अचल संपत्तियों की बात करें तो वर्ष 2019 के हलफनामे के अनुसार बृजभूषण शरण सिंह के पास 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की भूमि और अन्य अचल संपत्तियां थीं। हालांकि यह मूल्यांकन वर्ष 2019 के आधार पर था। संपत्ति बाजार में समय के साथ आए बदलावों को देखते हुए इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य इससे अधिक हो सकता है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
चूंकि बृजभूषण शरण सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा, इसलिए उनकी संपत्ति और देनदारियों का कोई नया चुनावी हलफनामा सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उनकी संपत्ति से जुड़ी सबसे विश्वसनीय सार्वजनिक जानकारी अभी भी वर्ष 2019 के चुनावी शपथपत्र पर आधारित मानी जाती है।