चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) के दौरान हरियाणा ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह की विकास दर के मामले में देश के सभी प्रमुख राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। मजबूत औद्योगिक गतिविधियों, ऑटोमोबाइल सेक्टर में बढ़ती मांग, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे प्रमुख आईटी एवं सेवा केंद्रों की आर्थिक सक्रियता तथा बेहतर टैक्स अनुपालन के कारण राज्य का राजस्व संग्रह उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। इस उपलब्धि ने हरियाणा को देश के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल कर दिया है।
सरकारी बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भी हरियाणा ने SGST संग्रह वृद्धि के मामले में सभी राज्यों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। अब वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में भी राज्य ने अपनी बढ़त बरकरार रखी है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2026 में हरियाणा का पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह 5,135 करोड़ रुपये रहा, जबकि जुलाई 2025 में यह 4,027 करोड़ रुपये था। इस प्रकार एक वर्ष में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो इसी अवधि की राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत वृद्धि से दोगुनी से भी अधिक है।
अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच हरियाणा का कुल पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह 19,680 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 15,055 करोड़ रुपये था। यानी राज्य ने 31 प्रतिशत की प्रभावशाली वार्षिक वृद्धि दर्ज की। यह वृद्धि देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक रही और राष्ट्रीय औसत 17 प्रतिशत से काफी ऊपर रही।
केवल SGST ही नहीं, बल्कि कुल GST राजस्व संग्रह के मामले में भी हरियाणा ने शानदार प्रदर्शन किया है। जुलाई 2026 के दौरान राज्य के कुल GST राजस्व में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि केवल 10 प्रतिशत रही। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और राज्य सरकार की कर संग्रह प्रणाली अधिक प्रभावी बन रही है।
हरियाणा के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। गुरुग्राम देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट, आईटी और सेवा क्षेत्र के केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में मल्टीनेशनल कंपनियां, स्टार्टअप्स और वैश्विक सेवा कंपनियां संचालित होती हैं, जिनकी आर्थिक गतिविधियों से GST संग्रह में उल्लेखनीय योगदान मिला है। इसके अलावा फरीदाबाद, मानेसर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में विनिर्माण गतिविधियों में तेजी आने से भी कर संग्रह बढ़ा है।
ऑटोमोबाइल उद्योग भी हरियाणा की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। राज्य में स्थित कई बड़े वाहन निर्माता और ऑटो कंपोनेंट कंपनियों की बिक्री और उत्पादन में वृद्धि से GST राजस्व में सकारात्मक असर पड़ा है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा टैक्स अनुपालन को सख्ती से लागू करने, डिजिटल निगरानी बढ़ाने और कर चोरी पर नियंत्रण के प्रयासों ने भी राजस्व संग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योग, सेवा क्षेत्र और बेहतर कर प्रशासन का यह संतुलित विकास हरियाणा की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक राज्य का GST संग्रह नए रिकॉर्ड बना सकता है। यह उपलब्धि न केवल हरियाणा की मजबूत वित्तीय स्थिति को प्रदर्शित करती है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रभावी कर प्रबंधन और आर्थिक विकास का एक सफल मॉडल प्रस्तुत करती है।