देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी इंडिया ने गुजरात के हंसलपुर स्थित अपने विनिर्माण केंद्र में चौथे उत्पादन प्लांट का संचालन शुरू कर दिया है। नए प्लांट के चालू होने के साथ कंपनी की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह विस्तार घरेलू बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल निर्यात केंद्र के रूप में मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
नए प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 लाख वाहनों की है। इसके शुरू होने के बाद हंसलपुर परिसर की कुल क्षमता 10 लाख वाहन प्रतिवर्ष तक पहुंच गई है, जो इसे एक ही स्थान पर देश के सबसे बड़े यात्री वाहन उत्पादन केंद्रों में शामिल करती है। कंपनी की कुल राष्ट्रीय उत्पादन क्षमता भी बढ़कर लगभग 29 लाख वाहन प्रतिवर्ष हो गई है।
कंपनी ने इस विस्तार के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया है। आधुनिक तकनीक से लैस यह नया प्लांट शुरुआती चरण में इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर विशेष ध्यान देगा। इसके माध्यम से कंपनी स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की अपनी रणनीति को और मजबूत करना चाहती है। साथ ही भविष्य में वैश्विक बाजारों के लिए भी यहां से वाहनों का निर्माण किया जाएगा।
हंसलपुर संयंत्र पहले से ही कंपनी के कई लोकप्रिय मॉडलों का उत्पादन और निर्यात करता है। हाल के वर्षों में यह भारत से वाहन निर्यात का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई उत्पादन लाइन शुरू होने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग को भी लाभ मिलेगा।
मारुति सुज़ुकी का मानना है कि भारत में मजबूत विनिर्माण ढांचा और बेहतर औद्योगिक वातावरण कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का आधार है। नए प्लांट के संचालन से कंपनी की उत्पादन क्षमता, निर्यात क्षमता और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।