पिछले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज होने के बाद अब निवेशकों की निगाहें नए सप्ताह में आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाक्रमों पर टिक गई हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) के आंकड़े तथा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद जारी होने वाला बयान निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। इस दौरान रेपो रेट में किसी बदलाव, महंगाई के अनुमान, आर्थिक विकास दर और भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर दिए जाने वाले संकेतों पर विशेष नजर रहेगी। यदि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत देता है तो इससे बाजार में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
इसके साथ ही विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों की वास्तविक स्थिति का संकेत देंगे। यदि ये आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहते हैं तो औद्योगिक उत्पादन और कारोबारी गतिविधियों में मजबूती का संदेश मिलेगा, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर दिखाई दे सकता है। वहीं कमजोर आंकड़े निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई घटनाक्रम बाजार की चाल तय करेंगे। वैश्विक बाजारों की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी आर्थिक संकेतक और भू-राजनीतिक तनाव विदेशी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) का रुख भी घरेलू बाजार की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण रहेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को इस सप्ताह जल्दबाजी में बड़े निवेश करने के बजाय आर्थिक आंकड़ों और आरबीआई के संकेतों का इंतजार करना चाहिए। इन घटनाओं के बाद ही बाजार में अगले रुझान की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की संभावना है। ऐसे में आने वाला सप्ताह शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा लेकिन निवेश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।