भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बाजार की उम्मीदों के मुताबिक एक बार फिर पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार चौथी मौद्रिक नीति बैठक है, जिसमें केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला लिया है। आखिरी बार ब्याज दरों में बदलाव दिसंबर 2025 में किया गया था, जब RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की थी।
इस कटौती के बाद से रेपो रेट 5.25 फीसदी पर बना हुआ है। वहीं, पिछले वर्ष RBI ने कुल मिलाकर ब्याज दरों में 1.25 फीसदी की कटौती की थी, जिसका उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और कर्ज की लागत को कम करना था।
चार पॉलिसी बैठकों में नहीं हुआ बदलाव
मौजूदा वित्त वर्ष में RBI MPC की अब तक चार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन इन सभी बैठकों में ब्याज दरों को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया। केंद्रीय बैंक ने आर्थिक विकास, महंगाई और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा दरों को बनाए रखने का फैसला किया है।
RBI का कहना है कि मौजूदा स्थिति में आर्थिक विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इसलिए केंद्रीय बैंक ने जल्दबाजी में कोई बड़ा नीतिगत कदम उठाने के बजाय स्थिति पर नजर बनाए रखने का फैसला किया है।
RBI का रुख अभी भी न्यूट्रल
जहां दुनिया के कई केंद्रीय बैंक महंगाई के दबाव को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं, वहीं RBI ने अपने नीतिगत रुख को 'न्यूट्रल' बनाए रखा है। इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक भविष्य में आर्थिक आंकड़ों के आधार पर ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी, दोनों विकल्पों पर विचार कर सकता है।
RBI लगातार महंगाई के आंकड़ों, आर्थिक विकास दर और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर नजर रख रहा है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि किसी भी अगले कदम से पहले महंगाई की दिशा और उसके कारणों को बेहतर तरीके से समझना जरूरी है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रेपो रेट स्थिर रहने का सीधा असर बैंक लोन की ब्याज दरों पर पड़ता है। फिलहाल होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज की ब्याज दरों में बड़े बदलाव की संभावना कम है। वहीं, जमा योजनाओं और बचत पर मिलने वाले ब्याज पर भी स्थिरता बनी रह सकती है।
RBI का मौजूदा फैसला यह संकेत देता है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के साथ-साथ महंगाई नियंत्रण को भी प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले समय में ब्याज दरों का फैसला महंगाई और आर्थिक गतिविधियों के नए आंकड़ों पर निर्भर करेगा।