दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रही AISA छात्र नेताओं की 23 दिन लंबी भूख हड़ताल सोमवार को खत्म हो गई। छात्र नेता नेहा, मनीष और आमीन ने शिक्षा व्यवस्था में परीक्षा पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर शुरू किए गए इस विरोध प्रदर्शन का समापन किया। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि उपवास खत्म हुआ है, लेकिन छात्रों के अधिकारों और सुधारों की लड़ाई जारी रहेगी।
20 जुलाई 2026 को हुए समापन कार्यक्रम में अभिनेता प्रकाश राज, अभिनेत्री शबाना आज़मी, राजनेता मनोज झा और आंदोलन से जुड़े कई समर्थक मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में छात्र नेताओं ने जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया। समर्थकों ने इसे आंदोलन की समाप्ति नहीं, बल्कि आगे की रणनीति की दिशा में एक कदम बताया।
यह विरोध प्रदर्शन परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर शुरू किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने इसे “लीकतंत्र” नाम देते हुए व्यवस्था में बदलाव और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। आंदोलन से जुड़े लोगों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस अभियान का संबंध #ChaloSansad मार्च और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जैसे विरोध कार्यक्रमों से भी रहा, जिनके जरिए छात्रों ने NEET-UG सहित विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी जवाबदेही की मांग की है।
इस पूरे आंदोलन को कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और कलाकारों का समर्थन मिला। प्रकाश राज ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों की मांगों को लेकर अपनी आवाज उठाई, वहीं शबाना आज़मी की मौजूदगी ने भी प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाया। 23 दिनों तक चला यह उपवास परीक्षा सुधार, छात्र अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा का बड़ा मुद्दा बना रहा।