रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सज़ा' से बाहर होने के बाद अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने अपने गेम को लेकर खुलकर बात की है। शो में उन्हें कई बार "कमज़ोर खिलाड़ी" कहा गया, लेकिन अब उन्होंने इस टैग को पूरी तरह खारिज करते हुए बड़ा दावा किया है। आकांक्षा का कहना है कि उन्हें जानबूझकर कमजोर बताया गया, क्योंकि दूसरे कंटेस्टेंट उन्हें अपने लिए एक मजबूत चुनौती मानते थे। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
शो में बिताए अपने 35 दिनों को याद करते हुए आकांक्षा ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहा। उन्होंने बताया कि पहली बार किसी ऐसे रियलिटी शो का हिस्सा बनीं, जहां प्रतिभागियों को एक ही जगह बंद रहना पड़ता है। उनके मुताबिक, इस सफर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और उनकी शख्सियत के कई ऐसे पहलू सामने आए, जो पहले लोगों ने नहीं देखे थे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह कोई नया रूप नहीं था, बल्कि उनकी असली पर्सनैलिटी ही थी।
अपने गेम पर उठे सवालों का जवाब देते हुए आकांक्षा ने बेबाकी से कहा, "मैं बिल्कुल भी सहमत नहीं हूँ। शो के अंदर भी मैं सहमत नहीं थी। एक समय तो मुझे भी लगने लगा था कि शायद मेरा कोई गेम प्लान नहीं है। लेकिन बाहर आने और शो देखने के बाद... यार, असल में मैं ही सबसे मज़बूत खिलाड़ी थी। शायद मैं एक खतरा थी, इसीलिए मुझे कमज़ोर बताकर वोट आउट कर दिया गया। जब बात सीक्रेट्स, अपनी सच्चाई को स्वीकार करने, टास्क, एंटरटेनमेंट और गरिमा के साथ खुद को पेश करने की आई, तो मैंने वह सब किया। इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि मुझे कमज़ोर क्यों कहा गया।" इस बयान के जरिए उन्होंने साफ संकेत दिया कि उनका मानना है कि उनकी लोकप्रियता और प्रदर्शन से दूसरे कंटेस्टेंट असहज थे।
आकांक्षा ने यह भी कहा कि सकारात्मक और संवेदनशील होना किसी भी तरह से कमजोरी नहीं है। उन्होंने माना कि शो के दौरान कई बार शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उन्हें चोटें भी लगीं, खाने की दिक्कत भी हुई और कई बार हार मानने का मन भी किया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना संयम नहीं खोया। वहीं, उन दावों पर भी उन्होंने पलटवार किया कि वह सिर्फ दूसरे कंटेस्टेंट्स की वजह से चर्चा में थीं। उनका कहना था कि कई वायरल पलों में दूसरे लोग उनकी वजह से नजर आए, न कि इसके उलट।
हालांकि आकांक्षा को इस बात का अफसोस रहा कि मुश्किल समय में घर के किसी कंटेस्टेंट ने उनका साथ नहीं दिया, लेकिन उन्होंने कहा कि दर्शकों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया। उन्होंने कहा, "कोई मेरे साथ खड़ा नहीं हुआ, लेकिन दर्शक खड़े हुए। आप सब मेरे साथ खड़े रहे। भले ही मैं शो नहीं जीती, लेकिन मैंने लोगों का प्यार और समर्थन जीता है। मेरे लिए, यह दोनों तरफ़ से जीत वाली स्थिति है।" आकांक्षा का मानना है कि ट्रॉफी से बड़ी जीत दर्शकों का विश्वास और प्यार होता है, और वह उसी को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानती हैं।