पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहा अंदरूनी संकट अब बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद से ही पार्टी लगातार कमजोर हो रही है, और अब दिल्ली के सियासी गलियारों से टीएमसी के लिए एक और बेहद बुरी खबर सामने आई है। पार्टी के एक और राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बाराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। एक के बाद एक कद्दावर नेताओं के बागी होने से टीएमसी के अस्तित्व पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
संसद के उच्च सदन में कम होती ताकत: 13 से घटकर रह गए 10
यह लगातार तीसरा मौका है जब महज कुछ ही दिनों के भीतर टीएमसी के किसी राज्यसभा सांसद ने पार्टी और सदन से दूरी बनाई है। प्रकाश चिक बाराइक से पहले पार्टी के दो अन्य वरिष्ठ और प्रमुख चेहरे—सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव—भी राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।
-
8 जून: सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दिया।
-
10 जून: सुष्मिता देव ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ते हुए इस्तीफा सौंप दिया।
-
11 जून: प्रकाश चिक बाराइक ने भी राज्यसभा से अपना इस्तीफा दे दिया।
इन लगातार तीन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या 13 से घटकर महज 10 रह गई है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, अगले एक हफ्ते के भीतर टीएमसी के तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे उच्च सदन में पार्टी का ग्राफ और गिर जाएगा।
'दीदी' को कभी नहीं थी ऐसी सियासी अकेलेपन की कल्पना
पश्चिम बंगाल में लगातार 15 साल तक एकछत्र राज करने वाली ममता बनर्जी ने शायद कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि सत्ता जाने के बाद वे इस कदर अकेली पड़ जाएंगी। राजनीति के इस बदलते खेल में अब वे नेता भी बागी रुख अपना रहे हैं, जिन्होंने कभी ममता बनर्जी से राजनीति के गुर सीखे थे।
इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम युवा नेता सयानी घोष का सामने आ रहा है। जो सयानी घोष कभी ममता बनर्जी की सबसे बड़ी प्रशंसक थीं और उन्हें साल 2029 में देश का प्रधानमंत्री बनाने का दम भरती थीं, अब उनके भी टीएमसी का साथ छोड़ने की खबरें गर्म हैं।
लोकसभा में भी बगावत: बीजेपी नेताओं से मुलाकात की चर्चा
टीएमसी के भीतर मची यह भगदड़ सिर्फ राज्यसभा (अपर हाउस) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोकसभा में भी बगावत के सुर तेज हो चुके हैं। खबरों के अनुसार, टीएमसी के 10 से ज्यादा लोकसभा सांसद इस समय बागी रुख अपनाए हुए हैं। इनमें काकोली घोष दस्तीदार और सयानी घोष जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों इन सभी बागी सांसदों ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की थी। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां मौजूद थे। ऐसे में ममता बनर्जी के सामने इस समय न सिर्फ अपने नेताओं को पाले में बनाए रखने की, बल्कि पूरे संगठन को बिखरने से बचाने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।