ताजा खबर

'लेफ्ट-टर्न बायस': बिना जाने क्यों हम अक्सर एंटी-क्लॉकवाइज (बाएं) घूमने लगते हैं? जानिए इसके पीछे का विज्ञान

Photo Source :

Posted On:Wednesday, June 24, 2026

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब आप किसी पार्क में टहलते हैं, किसी ट्रैक पर दौड़ते हैं या किसी खुली जगह में गोल चक्कर काटते हैं, तो आप अनजाने में बाईं ओर (Anti-clockwise यानी घड़ी की सुइयों के विपरीत दिशा में) मुड़ने लगते हैं? स्पेन से लेकर जापान तक कई देशों में किए गए प्रयोगों से यह बात सामने आई है कि इंसानों के चलने के पैटर्न में एक खास झुकाव होता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'लेफ्ट-टर्न बायस' (Left-turn bias) कहा जाता है।
इस दिलचस्प विषय पर मुंबई सेंट्रल के वोकहार्ट हॉस्पिटल की कंसलटेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. शीतल गोयल ने इसके पीछे की न्यूरोलॉजिकल और व्यावहारिक वजहों को विस्तार से समझाया है।
क्या यह कोई जन्मजात जैविक गुण है?
डॉ. शीतल गोयल के मुताबिक, इंसानी मूवमेंट (चलने-फिरने का तरीका) केवल किसी एक वजह पर निर्भर नहीं करता। यह कई चीजों का मिला-जुला परिणाम है:

  • ब्रेन लैटरलाइजेशन (Brain Lateralization): हमारा दिमाग दो हिस्सों (Left and Right Hemispheres) में बंटा होता है, जो शरीर के विपरीत हिस्सों को नियंत्रित करते हैं। दिमाग की यह बनावट हमारे मुड़ने की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
  • दाएं या बाएं हाथ का इस्तेमाल (Handedness): दुनिया की लगभग 90% आबादी राइट-हैंडेड (दाएं हाथ से काम करने वाली) है। हालांकि सीधे तौर पर इसे चलने की दिशा से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन नर्वस सिस्टम की यह बनावट मूवमेंट को प्रभावित करती है।
  • आंखों का दबदबा और संतुलन प्रणाली (Eye Dominance and Balance): हमारी कौन सी आंख ज्यादा हावी (Dominant) है और हमारा इनर ईयर (कान का अंदरूनी हिस्सा) शरीर का संतुलन कैसे बना रहा है, यह भी दिशा तय करने में मदद करता है।
माहौल का असर (Learned Behaviour)
बायोलॉजी के अलावा हमारा परिवेश भी हमें एंटी-क्लॉकवाइज चलने के लिए प्रेरित करता है। दुनिया भर में ज्यादातर स्पोर्ट्स ट्रैक, रनिंग ट्रैक और यहां तक कि भीड़ के चलने के पैटर्न को भी एंटी-क्लॉकवाइज (घड़ी की विपरीत दिशा में) डिजाइन किया जाता है। बचपन से इसी माहौल में रहने के कारण हमारा दिमाग और मांसपेशियां अनजाने में बाईं ओर मुड़ने को प्राथमिकता देने लगती हैं। विशेषकर एथलीटों में सालों की ट्रेनिंग के कारण यह आदत और ज्यादा मजबूत हो जाती है।
जब एक तरफ झुक कर चलना बन जाए बीमारी का संकेत
डॉ. गोयल चेतावनी देती हैं कि अगर सामान्य रूप से थोड़ा बाईं ओर झुकना एक सामान्य व्यवहार है, वहीं अचानक से किसी एक तरफ बहुत ज्यादा झुक कर चलना (Drifting) किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल या मस्कुलोस्केलेटल बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
इन स्थितियों में हो सकती है समस्या:
  • न्यूरोलॉजिकल समस्याएं: कान के अंदरूनी हिस्से की संतुलन प्रणाली (Inner ear balance system) में गड़बड़ी, स्ट्रोक (Stroke), पार्किंसंस रोग (Parkinson's), मल्टीपल स्केलेरोसिस (MS), या सेरेबेलर विकार (Cerebellar disorders) के कारण इंसान चलते समय एक तरफ झुकने लगता है।
  • हड्डियों और मांसपेशियों की समस्या: दोनों पैरों की लंबाई में फर्क होना, आर्थराइटिस (गठिया), कूल्हे या घुटने में पुराना दर्द, और रीढ़ की हड्डी की बनावट में गड़बड़ी (Spinal alignment issues) भी चलने का तरीका बदल देती है।
डॉक्टर की सलाह:
यदि अचानक आपके चलने का संतुलन बिगड़ता है या आप किसी एक तरफ झुकने लगते हैं—और इसके साथ ही चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, धुंधला दिखना या संतुलन खोने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


बनारस और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. banarasvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.