बनारस न्यूज डेस्क: पूर्वांचल समेत वाराणसी में एक बार फिर गर्मी और उमस का असर बढ़ने लगा है। सोमवार सुबह से ही तेज धूप और बढ़ी हुई नमी के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं, हालांकि इसके बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बढ़ती आर्द्रता और स्थानीय तापीय प्रभाव के चलते बादलों की आवाजाही भी बढ़ सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में प्री-मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं और इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिखाई देने लगा है। वातावरण में नमी बढ़ने के साथ तापमान भी ऊपर जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर बादलों के बनने की संभावना बन रही है। विभाग ने पहले ही हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों को दोपहर के समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बीते 24 घंटों के दौरान वाराणसी का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक है। इस अवधि में न्यूनतम आर्द्रता 36 प्रतिशत और अधिकतम 41 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नमी और गर्मी के संयुक्त प्रभाव से अगले कुछ दिनों में बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है।
नौतपा समाप्त होने के बाद से पूर्वांचल में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ी है। बीच-बीच में बादलों की आवाजाही और गर्म हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्री-मानसूनी परिस्थितियां और मजबूत होंगी, जिससे मानसून के आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो जल्द ही लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।