बनारस न्यूज डेस्क: काशी में गंगा और वरुणा नदी का उफान डरावने स्तर पर पहुंच गया है, जिससे तटीय इलाकों और घाटों पर गंभीर जलभराव व बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। मंगलवार शाम तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 67.14 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से महज तीन मीटर दूर है। जलस्तर में प्रति घंटे चार सेंटीमीटर की रफ्तार से हो रही बढ़ोतरी के कारण 88 घाटों का आपसी संपर्क टूट चुका है, नौका संचालन ठप है और नमो घाट व मणिकर्णिका घाट के आसपास के कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं।
घाटों के डूबने से महाश्मशान मणिकर्णिका की छतों और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में अंतिम संस्कार किया जा रहा है, जहां जगह की तंगी और लकड़ियां गीली होने के कारण परिजनों को दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके साथ ही मंगलवार को हुई 44.2 मिलीमीटर की तेज बारिश के चलते शहर के 19 से अधिक प्रमुख इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया, जिसके बाद गोदौलिया, सिगरा, रथयात्रा और महमूरगंज मार्ग पर चार किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया।
गंगा के उफान के चलते वरुणा नदी में भी पलट प्रवाह (बैकफ्लो) शुरू हो चुका है, जिससे हुकुलगंज, बगवानाला, नक्खी घाट, सरैया और कोनिया जैसे निचले व घनी आबादी वाले 20 इलाकों में बाढ़ और पलायन का खतरा पैदा हो गया है। जलस्तर यदि थोड़ा और बढ़ता है तो सिंचाई विभाग के बांध के ऊपर से पानी बहने की संभावना है, जिससे इन इलाकों में पानी भरने की आशंका काफी बढ़ गई है।
मौसम विभाग (IMD) द्वारा वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लिए जारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी ने 19 अगस्त 2026 को कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों (परिषदीय, मान्यता प्राप्त व अन्य बोर्डों) में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने जलभराव से निपटने और तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है।