सोशल मीडिया और ब्यूटी-वेलनेस ट्रेंड्स में आजकल 'बोन बियर्ड' (Bone Beard) और ठोड़ी की मांसपेशियों (Chin Muscle / Mentalis Muscle) की भूमिका को लेकर खूब चर्चा हो रही है। फेशियल एस्थेटिक्स के जानकारों के अनुसार, चेहरे की हड्डियों के ढांचे और ठोड़ी की मांसपेशियों का तालमेल चेहरे के निचले हिस्से (जॉलाइन और चिन) की बनावट तय करने में बेहद अहम होता है।
क्या है यह कॉन्सेप्ट और क्यों हो रही है चर्चा?
- मेंटेलिस मसल (Mentalis Muscle) की भूमिका: ठोड़ी के ठीक बीच में स्थित मेंटेलिस मांसपेशी निचले होंठ को ऊपर उठाने और चेहरे के एक्सप्रेशन बनाने में मदद करती है। जब यह मांसपेशी अत्यधिक सक्रिय (hyperactive) या तनावग्रस्त होती है, तो ठोड़ी पर गड्ढे (dimpling/pebbled chin) दिखने लगते हैं।
- 'बोन बियर्ड' और कमजोर जॉलाइन: अगर किसी व्यक्ति का निचला जबड़ा (mandible/jawbone) पीछे की ओर हो या कमजोर हो, तो चेहरे का संतुलन बनाए रखने के लिए ठोड़ी की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा काम करती हैं। कई लोग इसे छिपाने या जॉलाइन को शार्प दिखाने के लिए दाढ़ी (beard) का सहारा लेते हैं, जिसे बोलचाल में 'बोन बियर्ड' भी कहा जाता है।
- मांसपेशियों का तनाव और पोस्चर: गलत फेशियल पोस्चर, मुंह से सांस लेना (mouth breathing) या लगातार दांत भींचने से ठोड़ी की मांसपेशियों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ता है, जिससे चेहरे का निचला हिस्सा समय से पहले ढीला या असंतुलित दिख सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह:
डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, फेशियल एक्सरसाइज, सही ओरल पोस्चर और जरूरत पड़ने पर न्यूरोटॉक्सिन (जैसे बोटोक्स) से मेंटेलिस मसल को रिलैक्स करके चिन के तनाव व सिलवटों को कम किया जा सकता है।