आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले देश भर के उपभोक्ता बाजारों में चीनी की कीमतों में अचानक दर्ज की गई बढ़ोतरी ने आम जनता के घरेलू बजट पर बड़ा असर डाला है। देश के विभिन्न राज्यों में बीते कुछ हफ्तों के दौरान खुदरा बाजारों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सहित कई राज्यों के स्थानीय किराना स्टोरों पर चीनी का खुदरा मूल्य 55 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है, जबकि त्वरित वितरण (क्विक-कॉमर्स) ऐप पर प्रीमियम पैक्ड चीनी 75 से 80 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रही है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मिठास में आई इस कड़वाहट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। पहला कारण प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में पिछले मानसून के दौरान हुई अनिश्चित बारिश है, जिससे कुल चीनी उत्पादन अनुमान से कम रहा है। दूसरा प्रमुख कारण आगामी त्यौहारों—जैसे गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली—के चलते मिठाई निर्माताओं और औद्योगिक उपभोक्ताओं की ओर से मांग में आया अचानक उछाल है। इसके अतिरिक्त, एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत एथेनॉल निर्माण के लिए शीरे (Molasses) और गन्ने के रस के बड़े पैमाने पर डाइवर्ट किए जाने से भी घरेलू खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार बाजार में अतिरिक्त स्टॉक जारी करने पर विचार कर रही है।