खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक दावों, झूठे विज्ञापनों और पैकेट पर भ्रामक पोषण संबंधी जानकारी देने के मामले में देश की प्रमुख खाद्य एवं पेय कंपनियों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। नियामक संस्था ने सख्त रुख अपनाते हुए 150 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों में नेस्ले इंडिया, पेप्सिको, मोंडेलेज इंडिया (कैडबरी), कोका-कोला, रेड बुल और डैनोन जैसे बहुराष्ट्रीय ब्रांड शामिल हैं, जिनके उत्पाद भारतीय परिवारों में दैनिक रूप से उपयोग किए जाते हैं।
FSSAI की जांच में मुख्य रूप से शिशु आहार (बेबी फूड), हेल्थ ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर किए जाने वाले बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए दावों को निशाना बनाया गया है। उदाहरण के तौर पर, शिशु आहार बनाने वाली कंपनी जुजा फूड्स को बिना किसी वैज्ञानिक प्रमाण के बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत करने जैसे दावे करने पर नोटिस दिया गया। प्राधिकरण के अनुसार, बिना किसी पुख्ता शोध या पूर्व अनुमति के 'प्राकृतिक', '100% शुद्ध', 'रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला' या 'पोषक तत्वों में 10 गुना अधिक' जैसे शब्दों का व्यावसायिक उपयोग खाद्य सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है।
कार्रवाई के बाद मोंडेलेज और अन्य कंपनियों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से संबंधित विज्ञापनों और भ्रामक टैगलाइन्स को वापस लेना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए भ्रामक विज्ञापनों पर शून्य-सहनशीलता (जीरो-टॉलरेंस) की नीति अपनाई जाएगी और नियमों की अनदेखी करने वाले ब्रांडों के उत्पाद लाइसेंस तक रद्द किए जा सकते हैं।