भारत की दिग्गज इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टुब्रो यानी L&T के लिए पिछले दो हफ्ते बेहद शानदार रहे हैं। कंपनी को इस दौरान करीब 40,000 करोड़ रुपये के बड़े ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर्स में मिडिल ईस्ट के हाइड्रोकार्बन और गैस प्रोजेक्ट्स से लेकर बैटरी एनर्जी स्टोरेज और भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
लगातार मिल रहे इन मेगा ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूती मिली है। साथ ही यह भी संकेत मिलता है कि भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियां अब ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स में बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
मिडिल ईस्ट से मिला ₹10,000 करोड़ तक का ऑर्डर
L&T ने मंगलवार को बताया कि उसे मिडिल ईस्ट में तीन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी के मुताबिक इस ऑर्डर की वैल्यू 5,000 करोड़ रुपये से लेकर 10,000 करोड़ रुपये के बीच है।
इन तीनों प्रोजेक्ट्स की कुल स्टोरेज क्षमता 6 गीगावाट-घंटे यानी GWh होगी। कंपनी इन प्रोजेक्ट्स के लिए केवल बैटरी स्टोरेज सिस्टम ही नहीं बनाएगी, बल्कि उन्हें पावर ग्रिड से जोड़ने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार करेगी।
इसमें सब-स्टेशन और अंडरग्राउंड केबल जैसे महत्वपूर्ण काम शामिल हैं। प्रत्येक प्रोजेक्ट में चार घंटे की बैटरी स्टोरेज क्षमता विकसित की जाएगी।
एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में बढ़ रहा फोकस
दुनियाभर में रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ने के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। सौर और पवन ऊर्जा जैसी परियोजनाओं में बिजली उत्पादन लगातार एक जैसा नहीं रहता। ऐसे में बैटरी स्टोरेज सिस्टम अतिरिक्त बिजली को स्टोर करके जरूरत के समय उपलब्ध कराने में मदद करता है।
L&T का मिडिल ईस्ट में इस क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट हासिल करना कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कंपनी को तेजी से बढ़ते एनर्जी स्टोरेज बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का मौका मिलेगा।
लगातार दूसरे दिन मिडिल ईस्ट से ऑर्डर
खास बात यह है कि कंपनी को लगातार दूसरे दिन मिडिल ईस्ट से बड़े ऑर्डर मिलने की जानकारी सामने आई। इससे क्षेत्र में L&T की मजबूत स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मिडिल ईस्ट में तेल और गैस के अलावा अब रिन्यूएबल एनर्जी, पावर ट्रांसमिशन और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। ऐसे में L&T के लिए इस बाजार में आने वाले समय में और अवसर पैदा हो सकते हैं।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़ी एंट्री
L&T का विस्तार केवल पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर तक सीमित नहीं है। कंपनी भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
दुनिया की प्रमुख चिप कंपनियों में शामिल NVIDIA के लिए भारत में बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर क्षमता तैयार करने की दिशा में भी L&T को महत्वपूर्ण काम मिला है। AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
यह L&T के लिए अपने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर नई टेक्नोलॉजी आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री में अपनी जगह मजबूत करने का बड़ा अवसर है।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक से कंपनी को फायदा
लगातार बड़े ऑर्डर मिलने से L&T की ऑर्डर बुक मजबूत हुई है। बड़ी ऑर्डर बुक कंपनी को आने वाले वर्षों में लगातार काम और राजस्व की बेहतर विजिबिलिटी देती है।
मिडिल ईस्ट के अलावा भारत में भी इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, डिफेंस, टेक्नोलॉजी और एनर्जी सेक्टर में बड़े निवेश हो रहे हैं। ऐसे में कंपनी के पास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में विस्तार के अवसर मौजूद हैं।
निवेशकों की नजर भी L&T पर
बैक-टू-बैक बड़े ऑर्डर मिलने से शेयर बाजार में भी L&T को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। हालांकि, किसी भी कंपनी के शेयर में निवेश करने से पहले केवल ऑर्डर बुक को देखना पर्याप्त नहीं होता। निवेशकों को कंपनी की कमाई, मार्जिन, कर्ज, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल करीब 40,000 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स L&T के लिए एक मजबूत संकेत हैं। एनर्जी स्टोरेज, मिडिल ईस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और AI जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में कंपनी की मौजूदगी आने वाले वर्षों में उसके कारोबार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।