राष्ट्रमंडल पत्रकार संघ (CJA) ने बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) द्वारा तीन वरिष्ठ पत्रकारों को जेल भेजने के फैसले की कड़ा विरोध व्यक्त किया है। सीजेए ने प्रेस स्वतंत्रता पर चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि राजनीतिक नेताओं से सवाल पूछना पत्रकारिता का मुख्य अधिकार है, जिसे किसी भी स्थिति में मानवता के खिलाफ अपराध नहीं ठहराया जा सकता।
न्यायाधिकरण के इस कदम को मीडिया की स्वतंत्रता के लिए एक खतरनाक मिसाल बताते हुए संघ ने तत्काल न्यायिक समीक्षा की मांग की है। आरोप है कि जुलाई 2024 के जनआंदोलन के दौरान पत्रकारों ने पूर्व प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भड़काऊ सवाल पूछे थे। हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क है कि उनके खिलाफ कोई ठोस आपराधिक साक्ष्य मौजूद नहीं हैं और यह केवल उनके पेशेगत दायित्वों का हिस्सा था।
सीजेए ने बांग्लादेश सरकार और न्यायिक तंत्र से अपील की है कि वे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे इन पत्रकारों को मानवीय आधार पर और बिना किसी पुख्ता सबूत के लंबे समय तक हिरासत में न रखें। संघ ने जोर देकर कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के सही कामकाज के लिए अत्यंत मौलिक और अनिवार्य शर्त है।