आगामी त्योहारी सीजन के मुहाने पर खड़े देश के थोक और खुदरा बाजारों में खाद्य वस्तुओं की महंगाई चरम पर पहुंच गई है। चीनी और प्याज के बाद अब बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट जैसे सूखे मेवों (ड्राई फ्रूट्स) की कीमतों में 20 से 80 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस मूल्य वृद्धि का सबसे गंभीर असर गुजरात और महाराष्ट्र के प्रमुख थोक व्यापारिक केंद्रों—जैसे अहमदाबाद, सूरत, पुणे के गुल्टेकड़ी यार्ड और मुंबई के वाशी मार्केट—में देखा जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सूखे मेवों के दामों में आई इस तेजी के पीछे दो मुख्य कारक काम कर रहे हैं। पहला, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में प्रतिकूल मौसम के कारण पैदावार में गिरावट आई है, जिससे स्थानीय मंडियों में साप्ताहिक आवक आधी रह गई है। दूसरा बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री माल परिवहन (शिपिंग) में आई बाधाएं हैं। वैकल्पिक और लंबे समुद्री रास्तों के उपयोग के कारण मालवाहक जहाजों के शिपमेंट में 40 से 45 दिनों का विलंब हो रहा है। इसके चलते कंटेनर का भाड़ा 300-400 डॉलर से बढ़कर 1,500-2,000 डॉलर तक पहुंच गया है, जिसने प्रति किलो परिवहन लागत में ₹70 से ₹80 की बढ़ोतरी कर दी है।
वर्तमान में बाजारों में बादाम के भाव ₹850 से ₹1,200 प्रति किलो, पिस्ता ₹2,700 से ₹3,000 प्रति किलो तथा काजू ₹900 से ₹1,400 प्रति किलो की दर पर बिक रहे हैं। ड्राई फ्रूट्स, चीनी और डेयरी उत्पादों की संयुक्त महंगाई के कारण आगामी रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी और दिवाली पर मिठाइयों व नमकीन के दामों में 5% से 10% की अतिरिक्त वृद्धि तय मानी जा रही है।