नयी दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश में संचालित भविष्य निधि (PF) ट्रस्टों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से आयकर विभाग के साथ संपर्क साधा है। ईपीएफओ ने आयकर अधिनियम के तहत पंजीकृत पीएफ ट्रस्टों की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसका मुख्य उद्देश्य उन प्रतिष्ठानों की पहचान करना है जिन्होंने आयकर विभाग से तो मान्यता प्राप्त कर ली है, लेकिन कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के अंतर्गत औपचारिक छूट या मंजूरी हासिल नहीं की है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने हाल ही में जारी छूट योजना (AmNESTY SCHEME) के माध्यम से ऐसे पीएफ ट्रस्टों को अपनी प्रशासनिक स्थिति सुधारने और नियमितीकरण का एक विशेष अवसर दिया है। ईपीएफओ ने आयकर विभाग से आग्रह किया है कि किसी भी प्रतिष्ठान को आयकर अधिनियम के तहत नई मान्यता देने अथवा पुरानी मान्यता रद्द करने से पहले उसकी वैधानिक कवरेज और ईपीएफओ नियमों के अनुपालन की गहन समीक्षा की जाए। इससे दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर लगाम कसी जा सकेगी।
28 दिसंबर तक प्रभावी इस छह महीने की विशेष राहत योजना का लाभ उठाकर पीएफ ट्रस्ट न्यूनतम कर्मचारी संख्या और तीन साल के लगातार अनुपालन जैसे कठिन नियमों से छूट प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल ट्रस्टों का कानूनी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि लाखों कर्मचारियों के भविष्य निधि अंशदान की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।