नयी दिल्ली। देश भर में हवाई अड्डों के आसपास इमारतों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया में सरकार बड़े बदलाव करने जा रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में इस जटिल प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल, स्वचालित और विकेंद्रीकृत करने की रूपरेखा तैयार की है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर इन सुधारों को लागू करने हेतु अंतिम कार्य योजना प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है।
प्रस्तावित सुधारों का मुख्य उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम करना और आवेदकों के लिए प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। वर्तमान में हवाई अड्डों के आसपास निर्धारित किलोमीटर के दायरे में ऊंची इमारतों के लिए एएआई से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, जिससे बिल्डरों और आम नागरिकों को अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता है। नए प्रस्ताव के तहत अब शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को कुछ स्तरों पर यह अधिकार सौंपने पर विचार किया जा रहा है, ताकि लोगों को सीधे एएआई के चक्कर न काटने पड़ें।
इसके अलावा, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे मेट्रो शहरों में डेवलपर्स को प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में ही अनुमति योग्य ऊंचाई की सीमा की जानकारी प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे बिल्डरों को अग्रिम रूप से अपनी योजनाएं तैयार करने में आसानी होगी। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ उड़ान सुरक्षा और विमानन मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।