दुनिया की जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने अपनी नई इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक अनुमान जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, निफ्टी के लिए 27,000 अंकों का बेस-केस टारगेट बरकरार रखा गया है। इसका मतलब है कि ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।
जेपी मॉर्गन के इस अनुमान के पीछे भारतीय कंपनियों की मजबूत कमाई और देश में लगातार बढ़ती घरेलू मांग को प्रमुख कारण माना गया है। घरेलू खपत में मजबूती से कंपनियों के कारोबार और मुनाफे को सहारा मिल सकता है, जिसका सीधा फायदा शेयर बाजार को मिलने की उम्मीद है।
निफ्टी के 30,000 तक पहुंचने की उम्मीद
शेयर बाजार में निवेशक भविष्य की कमाई और आर्थिक विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में भी कंपनियों की कमाई को बाजार की तेजी का अहम आधार माना गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में MSCI India इंडेक्स में शामिल कंपनियों की कमाई में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, 2027 में कंपनियों की कमाई में 13 फीसदी की मजबूत वृद्धि का अनुमान जताया गया है। अगर कंपनियों की कमाई उम्मीद के मुताबिक बढ़ती है, तो इससे शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
इसी सकारात्मक संभावना को देखते हुए जेपी मॉर्गन ने निफ्टी के लिए 30,000 अंकों का बुल-केस टारगेट रखा है। यानी अगर भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहती है, कंपनियों के मुनाफे में अच्छी वृद्धि होती है और घरेलू मांग में तेजी जारी रहती है, तो निफ्टी इस ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।
खराब हालात में 20,500 तक गिरावट संभव
हालांकि, शेयर बाजार में तेजी की संभावना के साथ जोखिम भी मौजूद हैं। जेपी मॉर्गन ने अपने बेयर-केस परिदृश्य में निफ्टी के 20,500 अंक तक गिरने की संभावना जताई है।
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में कमजोरी, कंपनियों की कमाई उम्मीद से कम रहना, विदेशी निवेश में कमी या घरेलू बाजार में किसी बड़े जोखिम के कारण शेयर बाजार पर दबाव बन सकता है। ऐसे में निफ्टी में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
घरेलू शेयरों पर फोकस
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि ब्रोकरेज फर्म का भरोसा उन भारतीय कंपनियों पर ज्यादा है, जिन्हें मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक विकास का फायदा मिल सकता है। खासकर घरेलू खपत से जुड़े सेक्टर आने वाले समय में बाजार की तेजी के प्रमुख हिस्सेदार बन सकते हैं।
कुल मिलाकर, जेपी मॉर्गन का 27,000 का बेस-केस टारगेट भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। वहीं 30,000 का बुल-केस लक्ष्य निवेशकों के लिए और भी बड़ी उम्मीद पैदा करता है। हालांकि, बाजार में निवेश करने से पहले जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि शेयर बाजार में तेजी के साथ उतार-चढ़ाव की संभावना हमेशा बनी रहती है।