बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में नीट की तैयारी के साथ एमएससी की पढ़ाई कर रही छात्रा की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई अहम बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा की मौत गला काटने से हुई। उसके सिर पर किसी भारी चीज से चोट के निशान भी मिले हैं। वारदात के समय उसके पैर बंधे हुए थे। डॉक्टरों ने यौन शोषण की आशंका भी जताई है, जिसकी पुष्टि के लिए जांच के नमूने फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी विवेक चौबे की तलाश तेज कर दी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं, जो चुनार, नियारडीह, चोलापुर समेत कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। करीब 10 लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। परिजनों का आरोप है कि विवेक लंबे समय से छात्रा को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। आरोप है कि उसने छात्रा की शादी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसे धमकाया था कि अगर उसने कहीं और शादी की तो तस्वीर इंटरनेट पर डाल देगा।
परिजनों के मुताबिक, छात्रा की शादी दूसरी जगह तय होने के बाद विवेक नाराज हो गया था। 18 अगस्त को उसने नीट की पढ़ाई में मदद करने की बात कहकर छात्रा को अपने किराए के कमरे पर बुलाया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। परिवार को शक होने पर पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए कमरे का पता लगाया, जहां छात्रा का शव बाथरूम में मिला। उसके पैर बंधे थे और गले पर चोट थी। कमरे के बाहर लगा सीसीटीवी खराब मिला, जिससे पुलिस को शक है कि उसे जानबूझकर बंद किया गया हो सकता है। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल और लैपटॉप भी कब्जे में लेकर डिजिटल सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। बाद में मिर्जापुर के अदलपुरा श्मशान घाट पर पिता ने बेटी का अंतिम संस्कार किया।
जांच में आरोपी के परिवार से जुड़े विवाद का पहलू भी सामने आया है। बताया गया है कि विवेक करीब तीन साल से अपने मामा के घर रह रहा था और अपने गांव नियारडीह से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इसी वजह से उसका अपने चाचा अनिल चौबे से भी विवाद चल रहा था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। एडीसीपी गोमती नीतू काद्यान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और मोबाइल-लैपटॉप से मिलने वाले डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटी है।