चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 100 दिनों (13 जुलाई तक) में ही टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर सरकार को बड़ी सफलता मिली है। अर्थव्यवस्था में मजबूत सुधार और कॉरपोरेट मुनाफे में बढ़ोतरी के चलते नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 16.40% का शानदार इजाफा देखा गया है, जो 6.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस शानदार प्रदर्शन के बीच हर किसी के मन में यह सवाल है कि आखिर इस पूरे साल के लिए सरकार का टैक्स टारगेट क्या है।
क्या है सरकार का टारगेट?
केंद्रीय बजट के अनुसार, सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह (Direct Tax Collection) के मोर्चे पर काफी महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
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कुल डायरेक्ट टैक्स का लक्ष्य: सरकार ने इस पूरे वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बजट लक्ष्य (Budget Target) रखा है।
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लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम: 13 जुलाई तक हुए 6.51 लाख करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के साथ, सरकार ने साल की शुरुआत में ही अपने पूरे साल के बजटीय लक्ष्य का लगभग 24.1% हिस्सा हासिल कर लिया है।
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कॉरपोरेट टैक्स का लक्ष्य: इस वित्त वर्ष के लिए कॉरपोरेट टैक्स का कुल लक्ष्य 12.31 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है।
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पर्सनल इनकम टैक्स का लक्ष्य: व्यक्तिगत आयकर (जिसमें HUF और फर्में भी शामिल हैं) के जरिए सरकार ने 14.66 लाख करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान लगाया है。
ग्रोथ रेट ने अनुमानों को पछाड़ा
बजट पेश करते समय सरकार ने अनुमान लगाया था कि इस वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में करीब 11.4% की दर से वृद्धि होगी। लेकिन शुरुआती 100 दिनों के भीतर ही दर्ज की गई 16.40% की वास्तविक ग्रोथ सरकार के अनुमान से कहीं अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चालू तिमाही में टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सीजन के जोर पकड़ने के साथ ही इस कलेक्शन में और तेजी आएगी। यदि कर संग्रह की यही रफ्तार बरकरार रही, तो सरकार अपने तय लक्ष्य को समय से पहले या उससे अधिक पार करने में आसानी से सफल हो जाएगी।