फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में एक ऐसा ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला जिसने पूरी फुटबॉल बिरादरी को हैरान कर दिया है। खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही फ्रांस की टीम को स्पेन ने 2-0 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस धमाकेदार जीत के साथ ही स्पेन ने साल 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की है। हालांकि, मैदान पर मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक नया संग्राम छिड़ गया है। दुनिया भर के फुटबॉल फैंस और फ्रांसीसी समर्थकों ने मैच रेफरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि फ्रांस के साथ सरेआम नाइंसाफी हुई है।
विवाद की शुरुआत मैच के पहले हाफ में 22वें मिनट के दौरान हुई, जिसने पूरे खेल का रुख ही बदल कर रख दिया। स्पेन के युवा स्टार लामिन यमाल विपक्षी टीम के पेनल्टी बॉक्स के करीब थे, तभी फ्रांस के डिफेंडर का पैर दुर्घटनावश उनसे टकरा गया। रेफरी ने बिना कोई देरी किए इसे एक गंभीर फाउल माना और स्पेन के पक्ष में पेनल्टी का इशारा कर दिया। स्पेनिश स्ट्राइकर मिकेल ओयारजाबल ने इस सुनहरे मौके को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस झटके के बाद फ्रांसीसी टीम का मनोबल पूरी तरह टूट गया और स्पेन ने दूसरे हाफ में एक और मैदानी गोल दागकर मैच 2-0 से अपने नाम कर लिया। खेल प्रेमियों का तर्क है कि वह संपर्क पूरी तरह से अनजाने में हुआ था और रेफरी को वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद लेनी चाहिए थी। हालांकि, तकनीकी नियमों के तहत रेफरी का फैसला अंतिम माना जा चुका है और स्पेन अब फाइनल में कदम रख चुका है।