गणेश चतुर्थी का माहौल बन चुका है और हर तरफ बप्पा के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच अभिनेता और टीवी पर्सनैलिटी शिव ठाकरे नेत्योहार के दौरान तेज आवाज वाले DJ और डॉल्बी साउंड सिस्टम पर लगी पाबंदियों को लेकर अपनी राय साझा की है। शिव का कहना है किगणपति का जश्न सिर्फ तेज आवाज में संगीत बजाने का नाम नहीं है। उनके लिए बप्पा का स्वागत ढोल-ताशा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथकरना ज्यादा खास है।
शिव ने साफ किया कि वह किसी DJ बैंड की तरफ से नहीं, बल्कि अपनी निजी पसंद के बारे में बात कर रहे हैं। उनके मुताबिक भारत की पहचानउसकी संस्कृति और परंपराओं से है। सालभर DJ सुनने का मौका मिलता है, लेकिन बप्पा के आगमन या नवरात्रि जैसे त्योहारों में ढोल-ताशा पथककी धुन का अपना अलग ही मजा है। शायद यही वजह है कि शिव खुद भी अपने गणपति उत्सव में इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।
इस बार शिव ठाकरे ने बप्पा के स्वागत के लिए खास तैयारी की है। उन्होंने बताया कि उनके गणपति ढोल-ताशा पथक और पारंपरिक फेटा के साथघर आएंगे। इतना ही नहीं, इस साल वह बप्पा को पारंपरिक बैलगाड़ी पर विराजमान करके घर लाने वाले हैं। यानी शिव के यहां गणपति का जश्नइस बार आधुनिक साउंड सिस्टम से ज्यादा महाराष्ट्रीयन संस्कृति के रंग में रंगा नजर आएगा।
गणपति बप्पा के प्रति शिव की श्रद्धा भी उनकी बातों में साफ दिखाई देती है। उन्होंने अपने फैंस को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा किबप्पा उनके लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं और आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें भगवान, माता-पिता और फैंस का आशीर्वाद शामिल है। अपनीपहली फिल्म को लेकर भी शिव उत्साहित हैं और नंबर नौ से जुड़ी अपनी मान्यताओं को लेकर उन्होंने कहा कि इस साल उनके साथ लगातार अच्छीचीजें हो रही हैं। उनके लिए यह सब बप्पा की कृपा का हिस्सा है। ऐसे में शिव का गणपति उत्सव सिर्फ धूमधाम नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा औरअपने सफर के प्रति आभार का जश्न भी है।