नयी दिल्ली: दिल्ली को स्वच्छता और सौंदर्य के नए मानकों पर स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को 'दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महत्त्वाकांक्षी पहल का मुख्य ध्येय दिल्ली को कूड़ा-मुक्त बनाना और स्वच्छता को प्रशासनिक औपचारिकताओं से आगे बढ़ाकर जन-भागीदारी के एक व्यापक नागरिक आंदोलन में बदलना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था किसी एक एजेंसी का कार्य न होकर प्रत्येक नागरिक, आरडब्ल्यूए, व्यापारिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों का साझा दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि नगर निगम को वित्तीय कमी से जूझने नहीं दिया जाएगा, बशर्ते कार्यस्थल पर जवाबदेही और दृश्यमान परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
अभियान के अंतर्गत वार्ड स्तर पर कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए एक अनोखी प्रोत्साहन योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत आगामी 12 महीनों तक हर महीने सबसे स्वच्छ पाए जाने वाले वार्ड को ₹1 करोड़ का अतिरिक्त फंड दिया जाएगा, जो लगातार बेहतर प्रदर्शन पर वार्षिक रूप से ₹12 करोड़ तक बढ़ सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह कदम कूड़े के निस्तारण के साथ-साथ नागरिकों के व्यावहारिक व्यवहार में बदलाव लाने का राष्ट्रीय प्रयास है।
वहीं, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने बताया कि नगर निगम द्वारा भलस्वा और ओखला स्थित लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) के प्रसंस्करण कार्य में तेजी लाई गई है। सरकार और स्थानीय निकायों के इस एकीकृत प्रयास से आने वाले दिनों में दिल्ली के शहरी परिदृश्य में बड़े गुणात्मक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।