मीरपुर (ढाका): बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने घरेलू सरजमीं पर मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के बीच कंगारू टीम के खिलाफ वह ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है, जो पिछले पांच दशकों में कभी नहीं हुआ था। शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रोमांचक और वर्षा बाधित दूसरे एकदिवसीय (ODI) मुकाबले में 'बंगला टाइगर्स' ने खेल के हर विभाग में अपना लोहा मनवाते हुए दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई टीम को डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) पद्धति के तहत 5 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस धमाकेदार जीत के साथ ही बांग्लादेश ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बनाकर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में पहली बार उनके खिलाफ कोई द्विपक्षीय सीरीज जीतने का ऐतिहासिक गौरव हासिल कर लिया है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। बांग्लादेशी तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद और मुस्तफिजुर रहमान की स्विंग होती गेंदों के सामने मेहमान टीम ने महज 2 ओवर के भीतर बिना कोई खाता खोले (0 रन पर) अपने 3 मुख्य विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान जोश इंग्लिस (34) और कैमरन ग्रीन (25) ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन स्पिनर तनवीर इस्लाम ने दोनों को आउट कर कंगारुओं का स्कोर 81 रन पर 6 विकेट कर दिया। इस बेहद नाजुक मोड़ पर मार्नस लाबुशेन (नाबाद 55) और ऑलराउंडर जेवियर बार्टलेट (52) ने सातवें विकेट के लिए 103 रनों की जुझारू शतकीय साझेदारी कर टीम को संकट से निकाला। ऑस्ट्रेलिया ने 42 ओवरों में 8 विकेट पर 187 रन बनाए ही थे कि तेज बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा।
लंबी रुकावट के बाद अंपायरों ने बांग्लादेश को 41 ओवरों में 192 रनों का संशोधित डीएलएस लक्ष्य दिया। जवाब में उतरी बांग्लादेशी टीम ने सलामी बल्लेबाज तंजिद हसन का विकेट जल्दी खो दिया, लेकिन अनुभवी सौम्य सरकार (42) और कप्तान नजमुल हुसैन शांतो (42) ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए बड़े लक्ष्य की मजबूत नींव रखी। मध्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर एडम जम्पा ने लगातार विकेट लेकर मैच में वापसी की कोशिश की, लेकिन युवा बल्लेबाज तौहीद हृदोय ने एक छोर थामे रखा और नाबाद 40 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। अंत में मेहदी हसन मिराज ने विजयी रन बनाकर बांग्लादेश को 35 ओवरों में ही 5 विकेट पर 195 रन तक पहुंचाकर इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज करा दी। साल 2005 में कार्डिफ में ऑस्ट्रेलिया को पहली बार हराने के बाद, यह बांग्लादेश क्रिकेट की सबसे सुनहरी और ऐतिहासिक उपलब्धि बन गई है।