बनारस न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी (वाराणसी) में भीषण गर्मी के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बंगाल की खाड़ी से उठी पुरवा हवाएं मानसून का संदेश लेकर काशी पहुंच चुकी हैं, जिसने इस सीजन में पहली बार गर्म पछुआ हवाओं की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। रविवार को इस साल पहली बार 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चली, जिसने वातावरण में भारी नमी घोल दी है। हालांकि, इस हवा के आने से शहर में उमस भरी गर्मी ने लोगों को काफी बेचैन और हलकान कर दिया है, लेकिन यह मानसून के आगमन का एक पुख्ता संकेत है।
मौसम में आए इस बड़े बदलाव के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने काशीवासियों के लिए राहत और सतर्कता दोनों का संदेश जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने का 'यलो अलर्ट' जारी किया है। पुरवा हवाओं के सक्रिय होने के चलते पिछले दो दिनों के भीतर ही हवा में नमी का स्तर 40 फीसदी से सीधे उछलकर 60 फीसदी पर पहुंच गया है। नमी के इस बढ़े स्तर की वजह से रविवार को उत्तर प्रदेश की सबसे गर्म रात काशी की ही दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक यानी 31 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा रहकर 40.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
स्थानीय मौसम विज्ञानियों के अनुसार, रविवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में हुई बारिश के बाद अब यह साफ हो गया है कि मानसून की अग्रिम कतारें बेहद करीब हैं। यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि मानसून अब कभी भी शक्तिनगर के रास्ते सोनभद्र में विधिवत प्रवेश कर सकता है, जिसका सीधा असर काशी में बढ़ती उमस के रूप में दिखने लगा है। इसके अलावा, इस समय उत्तर प्रदेश के आसमान के ऊपर से एक मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) भी गुजर रही है, जो राज्य में बारिश की अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर रही है। इसके प्रभाव से आगामी 24 घंटों के भीतर ही काशी और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने इस संबंध में बताया कि राज्य में मानसून के औपचारिक प्रवेश से पहले ही प्री-मानसूनी गतिविधियां और मौसम की सक्रियता काफी बढ़ गई है। उन्होंने काशीवासियों को दिलासा देते हुए कहा कि शहर में अब लंबे समय से सता रही लू (हीटवेव) की स्थितियां पूरी तरह खत्म होने की कगार पर हैं। जुलाई के शुरुआती चरण में पूरे प्रदेश में अच्छी और व्यापक वर्षा होने का अनुमान है, जिसके चलते जुलाई के पहले सप्ताह में ही काशी के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को उमस और तपती गर्मी से स्थायी राहत मिल जाएगी।