चीन सरकार ने तेज़ी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग, खासकर 'AI गर्लफ्रेंड' और वर्चुअल साथियों (आभासी पार्टनर्स) से जुड़े ऐप्स पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले कड़े नियमों के तहत चीन में अब यूज़र्स को इस तरह के वर्चुअल पार्टनर आसानी से उपलब्ध नहीं होंगे।
बीजिंग के इन नए नियमों का पालन करने के लिए अलीबाबा, बाइटडांस और टेनसेंट जैसी चीन की दिग्गज तकनीकी कंपनियों ने अपने एआई चैटबॉट्स में मौजूद 'कस्टमाइज़ेबल पर्सोना' (मनमुताबिक चरित्र बनाने की सुविधा) को बंद करने का फैसला किया है।
समाचार की मुख्य बातें:
- कंपनियों पर बड़ा असर: बाइटडांस का लोकप्रिय चैटबॉट 'दूबाओ' (Doubao) और अलीबाबा का 'क्वेन' (Qwen) 15 जुलाई से इस फीचर को हटा देंगे, जबकि टेनसेंट ने इसे पहले ही हटा दिया है। इसके अलावा नेटइज़ (NetEase) का मशहूर एआई कंपैनियनशिप ऐप 'मियाओशी' (Miaoshi) 14 जुलाई को पूरी तरह बंद होने जा रहा है।
- क्या था यह फीचर: इन फीचर्स के जरिए यूज़र्स अपनी पसंद की भाषा, टोन और बातचीत के तरीके से चैटबॉट को एक नया रूप दे सकते थे। इसके जरिए लोग वर्चुअल असिस्टेंट, ट्यूटर, नकली रिश्तेदार और यहां तक कि 'रोमांटिक पार्टनर्स' (AI गर्लफ्रेंड/बायफ्रेंड) भी तैयार कर लेते थे।
- क्यों हो रही है कार्रवाई: चीन में अकेलेपन से जूझ रहे बुजुर्गों, वयस्कों और नाबालिगों के बीच इसका चलन तेजी से बढ़ा था। इसके अत्यधिक इस्तेमाल से लोग वास्तविकता से दूर होने लगे थे, जिसे 'एआई साइकोसिस' (AI Psychosis) कहा जा रहा है। इसके अलावा, अब तक किसी कड़े नियम के दायरे में न होने के कारण इन ऐप्स पर अश्लील या एडल्ट कंटेंट परोसे जाने का जोखिम भी काफी बढ़ गया था।
- नए नियमों में क्या है खास: 15 जुलाई से लागू होने वाले नियमों के तहत अब कोई भी एआई प्रोवाइडर नाबालिगों (बच्चों) को वर्चुअल इंटीमेट रिलेशनशिप या रोमांटिक पार्टनर जैसी सेवाएं नहीं दे सकेगा। इसके अलावा, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ऐसी कोई भी एआई सेवा देने से पहले माता-पिता या अभिभावक की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना (CAC) द्वारा अप्रैल से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक डेटा चोरी और नियमों का उल्लंघन करने वाले 3,500 से अधिक गैर-अनुपालन वाले एआई प्रोडक्ट्स और ऐप्स को हटाया जा चुका है। अगले चरण में सरकार एआई द्वारा फैलाई जाने वाली फर्जी खबरों और अश्लील सामग्री पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है।