टोरंटो/नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच रणनीतिक निवेश और द्विपक्षीय व्यापार को एक नए मुकाम पर ले जाने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा का दूसरा दिन बेहद सफल रहा। टोरंटो के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 'भारत-कनाडा संबंध-सेतु निर्माण' कार्यक्रम में श्री गोयल ने 150 से अधिक वैश्विक नीति निर्माताओं और उद्योगपतियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ एक और उच्च स्तरीय अनौपचारिक बैठक की, जिसमें दोनों देशों ने साल 2030 तक आपसी द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने और इस वर्ष के अंत तक 'व्यापार आर्थिक सहयोग समझौता' (CEPA) वार्ताओं को अंतिम रूप देने के अपने साझा संकल्प को दोहराया।
कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने भारत के विशाल बाजार और मजबूत आर्थिक सुधारों की सराहना करते हुए आगामी नवंबर में एक उच्च स्तरीय 'टीम-कनाडा व्यापार मिशन' को भारत भेजने की आधिकारिक घोषणा की। यह मिशन मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशेगा। इसके बाद दोनों मंत्रियों की सह-अध्यक्षता में 'कनाडा-भारत निवेश गोलमेज सम्मेलन' का आयोजन हुआ, जिसमें कनाडा के बड़े पेंशन फंड्स, प्रमुख बैंकों और वित्तीय संस्थानों के संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। पीयूष गोयल ने कनाडाई कंपनियों को भारत के पारदर्शी नियामक वातावरण, उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं और देश में तेजी से उभरते ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। अपनी इस व्यस्त यात्रा के बीच, वाणिज्य मंत्री ने हंबर बे पार्क स्थित कनिष्क स्मारक का भी दौरा किया और एयर इंडिया 182 आतंकी हमले के पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिन का समापन ब्रैम्पटन में भारतीय प्रवासी समुदाय के एक भव्य स्वागत समारोह के साथ हुआ, जहां श्री गोयल ने दोनों देशों के आर्थिक गलियारे को मजबूत करने में अप्रवासी भारतीयों की भूमिका को सराहा।