नई दिल्ली: वैश्विक जिंस बाजार (ग्लोबल कमोडिटी मार्केट) में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में आई हालिया मंदी का सीधा लाभ अब भारतीय उपभोक्ताओं को मिलने जा रहा है। देश में सोने और चांदी की न्यायोचित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा तस्करी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने दोनों कीमती धातुओं के आधिकारिक आयात शुल्क मूल्य (इंपोर्ट टैरिफ वैल्यू) में बड़ी कटौती करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) द्वारा गुरुवार देर रात जारी की गई एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में दर्ज की गई गिरावट के बाद यह कदम उठाया गया है। आयात शुल्क मूल्य वह आधार दर होती है जिसके जरिए सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) की सटीक गणना की जाती है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के अनुसार समय-समय पर संशोधित होती है।
संशोधित नियमों के तहत, अब सोने का नया आयात शुल्क मूल्य $1,343 प्रति 10 ग्राम निर्धारित किया गया है। इससे पहले बीते 29 मई को सरकार ने इसे $1,423 प्रति 10 ग्राम तय किया था, जिसका सीधा अर्थ है कि इस बार सोने के आयात मूल्य में सीधे $80 की बड़ी राहत दी गई है। इसी तरह, औद्योगिक मांग और खुदरा बाजार में आई सुस्ती को देखते हुए चांदी के आयात मूल्य को $276 घटाकर $2,092 प्रति किलोग्राम कर दिया गया है, जो कि पहले $2,368 प्रति किलोग्राम के स्तर पर था। सोने के टैरिफ मूल्य में यह लगातार दूसरी और चांदी के मामले में यह लगातार तीसरी पाक्षिक कटौती है, जिससे आने वाले दिनों में भारतीय सर्राफा बाजार (बुलियन मार्केट) में सोने और चांदी की खुदरा कीमतों में और गिरावट आने की पूरी संभावना बन गई है।
आमतौर पर वित्त मंत्रालय द्वारा हर 15 दिनों (एक पखवाड़े) के अंतराल पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों की समीक्षा कर इन कीमतों में संशोधन किया जाता है। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण हाल के दिनों में सोने-चांदी के अंतरराष्ट्रीय भावों में इस कदर अप्रत्याशित उथल-पुथल देखी जा रही है कि सरकार को निर्धारित समय सीमा से पहले ही विशेष समीक्षा बैठक बुलानी पड़ रही है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार के इस कदम से न केवल घरेलू स्तर पर आभूषण निर्माताओं और सर्राफा व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि आगामी शादियों के सीजन से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं के लिए भी सोना-चांदी खरीदना काफी किफायती हो जाएगा।