पाकिस्तान के आजाद जम्मू-कश्मीर (AJK) में हुए चुनाव के दूसरे चरण के परिणामों के बीच राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। एक ओर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) अधिकांश सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, वहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि कई स्थानों पर मतदान के दौरान अनियमितताएं हुईं और चुनाव आयोग शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा।
PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने दावा किया कि चुनाव के दौरान कार्यवाहक राष्ट्रपति चौधरी लतीफ अकबर पर हमला किया गया। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि LA-31 सीट पर PPP कार्यकर्ता मुश्ताक शाह की हत्या कर दी गई। पार्टी का कहना है कि इन घटनाओं के बावजूद चुनाव आयोग ने उचित कार्रवाई नहीं की, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
दूसरी ओर, PML-N ने PPP के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि मतदान शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही PPP ने धांधली के आरोप लगाने शुरू कर दिए थे। उनके अनुसार, पूरे चुनाव के दौरान केवल तीन छोटी घटनाएं हुईं, जिन्हें राजनीतिक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बिलावल भुट्टो जरदारी को गलत जानकारी दी गई, जिसके आधार पर उन्होंने ऐसे आरोप लगाए।
फिलहाल दूसरे चरण के अधिकांश घोषित नतीजों में PML-N बढ़त बनाए हुए है। हालांकि PPP लगातार चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है। अब राजनीतिक दलों और जनता की नजर बची हुई दो सीटों के परिणामों पर है, जिनके घोषित होने के बाद चुनाव की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।
दूसरे चरण में मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों और 12 शरणार्थी (रिफ्यूजी) सीटों सहित कुल 21 सीटों पर मतदान कराया गया। इन सीटों पर 344 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। मतदान का समय शाम 5 बजे तक निर्धारित था, लेकिन कई मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों को देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान की अवधि एक घंटे बढ़ाकर शाम 6 बजे तक कर दी।
घोषित नतीजों के अनुसार, नीलम वैली-2 (LA-26) सीट पर PPP के मियां अब्दुल वहीद ने 17,466 वोट हासिल कर PML-N के शाह गुलाम कादिर को हराया, जिन्हें 15,494 वोट मिले। अन्य सीटों के परिणाम भी धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं और अंतिम नतीजों के बाद यह स्पष्ट होगा कि नई विधानसभा में किस दल की स्थिति सबसे मजबूत रहेगी।
चुनाव परिणामों के साथ-साथ धांधली के आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी ने आजाद कश्मीर की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और शेष परिणाम घोषित होने के बाद राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।