पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी विरोध प्रदर्शन अब पाकिस्तान के बड़े शहरों तक पहुंच गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस आंदोलन की गूंज राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भी सुनाई देने लगी है। रविवार शाम रावलपिंडी प्रेस क्लब के बाहर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र वहां पहुंचे।
प्रदर्शन में PoJK से जुड़े छात्र भी शामिल बताए गए। शाम करीब 5 बजे के बाद प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने लगी। इस दौरान प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, अब तक किसी तरह की फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
PoJK चुनाव के दौरान भी विरोध जारी
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय सामने आया है, जब PoJK विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भी तनाव और अव्यवस्था की खबरें सामने आईं। दूसरे चरण में 21 विधानसभा सीटों पर मतदान होना था। इनमें मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटें और पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले PoJK शरणार्थियों के लिए 12 सीटें शामिल थीं।
रिपोर्टों के मुताबिक, कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में रहने वाले कश्मीरी समुदायों ने भी चुनाव व्यवस्था और राजनीतिक प्रक्रिया को लेकर विरोध जताया।
कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में प्रदर्शन
PoJK मुद्दे को लेकर कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे शहरों में भी प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक सुधारों और प्रशासनिक बदलावों की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों और छात्र नेताओं को हिरासत में लिया। वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया और आंदोलन जारी रखने की बात कही।
सड़क जाम से मतदान व्यवस्था प्रभावित
प्रदर्शनों और सड़क अवरोध के कारण कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें सामने आईं। LA-27 कोटली क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्य सड़कों को बंद किए जाने के कारण चुनाव कर्मचारियों और मतदान सामग्री के पोलिंग स्टेशनों तक पहुंचने में परेशानी आई।
इसके चलते कुछ स्थानों पर मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसी तरह LA-28 मुजफ्फराबाद-II क्षेत्र में भी चुनाव अधिकारियों और मतदान सामग्री के कई पोलिंग स्टेशनों तक नहीं पहुंच पाने की खबरें सामने आईं।
विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारी संगठनों ने इन घटनाओं के बाद चुनावी तैयारियों और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
मुजफ्फराबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान
इस्लामाबाद के D-Chowk पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान भी किया है।
PoJK में जारी यह आंदोलन अब क्षेत्रीय राजनीति और पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि, प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनी रहेगी।