मिस्र में सोमवार सुबह तड़के 5.4 तीव्रता का भूकंप आने से कई इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में कंपन स्पष्ट रूप से महसूस हुआ। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप के बाद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा, हालांकि अब तक किसी के घायल होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
मिस्र के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र स्वेज शहर से लगभग 38 किलोमीटर दूर स्थित था। इससे पहले जर्मन रिसर्च सेंटर ने भूकंप का केंद्र स्वेज के निकट बताया था, जबकि यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप केंद्र (EMSC) ने इसका केंद्र स्वेज से करीब 29 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में होने की जानकारी दी थी। विभिन्न एजेंसियों के आंकड़ों में मामूली अंतर देखा गया, लेकिन सभी ने पुष्टि की कि भूकंप का असर स्वेज और आसपास के क्षेत्रों में महसूस किया गया।
भूकंप के तुरंत बाद मिस्र के रेड क्रिसेंट ने उन इलाकों में आपातकालीन योजना सक्रिय कर दी, जहां झटके महसूस किए गए थे। राहत एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। रेड क्रिसेंट ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी इमारतों से दूर रहें जिनमें दरारें या अन्य प्रकार के नुकसान के संकेत दिखाई दें और केवल सरकारी एवं आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
मिस्र के स्वास्थ्य मंत्री खालिद अब्देल गफ्फार ने पूरे देश में इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एम्बुलेंस सेवाओं और स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह तैयार रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, मिस्र और पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से सक्रिय क्षेत्र में आते हैं। यहां समय-समय पर मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में इनसे बड़े स्तर पर नुकसान नहीं होता, फिर भी प्रशासन एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।
इसी बीच म्यांमार में भी सोमवार, 3 अगस्त की सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। वहां रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.3 दर्ज की गई। यह भूकंप लगभग 105 किलोमीटर की गहराई में आया था। गहराई अधिक होने के कारण इसका प्रभाव सीमित रहा और अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
दो अलग-अलग देशों में एक ही दिन आए इन भूकंपों के बाद संबंधित देशों की एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल दोनों स्थानों पर हालात सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।